अर्जुन तेंदुलकर का जलवा, गेंदबाजी में कहर और बल्लेबाजी में विस्फोट
मुंबई टी-20 लीग में सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर ने पहले गेंद और फिर बल्ले से तूफान मचा दिया। 3 विकेट चटकाने के बावजूद अर्जुन तेंदुलकर ने दम नहीं लिया। बांद्रा ब्लास्टर्स के खिलाफ तूफानी 66 रनों की पारी भी उन्होंने खेली।
टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले अर्जुन तेंदुलकर को प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब भी मिला। मुंबई टी20 लीग के इस सीजन में अर्जुन तेंदुलकर का प्रदर्शन इस मैच से पहले तक नपातुला था, लेकिन जैसे ही उन्हें बल्लेबाजी में प्रमोशन मिला, उन्होंने साबित कर दिखाया कि वे एक कुशल बल्लेबाज भी हैं।
एआरसीएस अंधेरी के लिए खेलते हुए बांद्रा ब्लास्टर्स के खिलाफ अर्जुन तेंदुलकर ने पहले तो कमाल की गेंदबाजी की। उन्होंने 3 विकेट उन्होंने चटकाए। इस तरह बांद्रा की टीम की कमर उन्होंने तोड़कर रख दी। पहले ही ओवर में तीन सफलताएं अर्जुन तेंदुलकर ने हासिल की थीं।

बांद्रा की टीम 144 रन ही बना सकी थी। प्रसून सिंह ने भी अंधेरी की टीम के लिए अच्छी गेंदबाजी की और दो विकेट अपने नाम किए थे। पूरे 4 ओवर का कोटा इस मैच में भी अर्जुन ने नहीं किया था। वहीं, जब एआरसीएस अंधेरी टीम 145 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी तो शुरुआत अच्छी रही।
दिव्यांश सक्सेना और मुशीर खान ने अच्छी साझेदारी पहले विकेट के लिए की। दोनों ने 2.3 ओवर में 32 रन जोड़ दिए थे। इसके बाद बल्लेबाजी के लिए बाएं हाथ के अर्जुन तेंदुलकर क्रीज पर आए, जिन्होंने कोहराम मचा दिया। नाबाद 66 रनों की पारी अर्जुन ने खेली। 194 से ज्यादा का स्ट्राइक रेट उनका था। उनकी टीम से मुशीर खान ने भी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की और अर्धशतक जड़ा था। सिर्फ एक विकेट खोकर टीम ने मैच जीत लिया।
आईपीएल की बात करें तो अर्जुन तेंदुलकर को लखनऊ सुपर जायंट्स यानी ने खरीदा था। हालांकि, सिर्फ एक ही मैच में अर्जुन तेंदुलकर को मौका दिया गया। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन आखिरी मैच में एलएसजी के लिए खेले और एक सफलता भी उन्हें पंजाब किंग्स के खिलाफ मिली।
इसके पीछे की वजह यह भी थी कि वह एक गेंदबाज के तौर पर ट्रीट किए गए। एलएसजी के पास पहले से ही बहुत सारे गेंदबाज थे। ऐसे में उन्हें मौका नहीं मिल पाया था।