‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की ऐतिहासिक सफलता
पहले ही दिन यूपी में रिकॉर्ड पौधारोपण, सीएम योगी ने की जनभागीदारी की सराहना

लखनऊ (राघवेंद्र प्रताप सिंह): विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश में शुरू हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाभियान ने अपने पहले ही दिन सफलता का एक नया इतिहास रच दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज सुबह एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए प्रदेश की जनता को बधाई देते हुए इस महा-अभियान की अभूतपूर्व सफलता की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य भर में जनता के सहयोग से रिकॉर्ड तोड़ पौधारोपण किया गया है, जिसने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उत्तर प्रदेश के संकल्प को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान दी है।
सरकारी दायरों से बाहर निकलकर जन-आंदोलन बना अभियान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया कि यह अभियान केवल सरकारी फाइलों, वादों या प्रशासनिक विभागों तक सीमित नहीं रहा। यह अभियान पूरी तरह से एक जन-आंदोलन (People’s Movement) में तब्दील हो चुका है। राज्य के कोने-कोने से, चाहे वह ग्रामीण अंचल हो या हाई-टेक शहर, समाज के हर वर्ग ने इसमें अपनी सक्रिय भूमिका निभाई है। महिलाओं ने घरेलू स्तर पर, युवाओं ने तकनीकी और डिजिटल अभियानों के जरिए, और अन्नदाताओं यानी किसानों ने अपने खेतों की मेढ़ों पर अपनी मां के सम्मान में बढ़-चढ़कर पौधारोपण किया। इस भावनात्मक जुड़ाव ने ही इस अभियान को इतनी बड़ी सफलता दिलाई है।
सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक: जिओ-टैगिंग और सख्त मॉनिटरिंग
अक्सर देखा गया है कि बड़े स्तर पर होने वाले पौधारोपण अभियानों में पेड़ लगा तो दिए जाते हैं, लेकिन रख-रखाव के अभाव में वे नष्ट हो जाते हैं। इस समस्या का स्थायी समाधान निकालते हुए सीएम योगी ने एक दूरदर्शी कदम उठाया है। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (DMs) और वन विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि रोपे गए सभी 5 करोड़ पौधों की सुरक्षा के लिए जिओ-टैगिंग (Geo-tagging) की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए।
इस तकनीक के जरिए हर एक पौधे की लोकेशन और उसकी प्रगति की रीयल-टाइम ट्रैकिंग की जा सकेगी। इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग के लिए टीमों का गठन करने को कहा गया है, ताकि रोपे गए पौधे पूरी तरह से सुरक्षित रहें और भविष्य में एक घने वृक्ष का रूप ले सकें। सरकार का यह कदम पर्यावरण को लेकर उसकी गंभीरता और दूरगामी विजन को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।