पूर्वी यूपी के औद्योगिक विकास को नई उड़ान
सीएम योगी ने गीडा में किया राज्य के पहले 'फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स' का ऐतिहासिक उद्घाटन

गोरखपुर (राघवेंद्र प्रताप सिंह): उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा औद्योगिक और निवेश हब बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के एमएसएमई (MSME – सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) सेक्टर को एक बड़ी संजीवनी देते हुए गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GIDA – गीडा) में प्रदेश के पहले ‘फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स’ (Flatted Factory Complex) का भव्य उद्घाटन किया। यह महत्वाकांक्षी और आधुनिक औद्योगिक परियोजना न केवल गोरखपुर, बल्कि पूरे पूर्वांचल के छोटे और मझोले उद्यमियों के लिए एक गेम-चेंजर साबित होने जा रही है।
क्या है ‘फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स’ और इसके फायदे?
फ्लैटेड फैक्ट्री एक आधुनिक बहुमंजिला औद्योगिक ढांचा है, जिसे पूरी तरह से ‘प्लग एंड प्ले’ (Plug and Play) की तर्ज पर विकसित किया गया है। अक्सर देखा जाता है कि छोटे उद्यमियों के पास उद्योग लगाने का विजन तो होता है, लेकिन जमीन खरीदने और फैक्ट्री का पूरा ढांचा खड़ा करने में ही उनकी आधी से ज्यादा पूंजी खर्च हो जाती है। इस फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स में उद्यमियों को बनी-बनाई फैक्ट्री (वर्कस्पेस) मिलेगी, जहां वे सीधे अपनी मशीनें लगाकर तुरंत उत्पादन शुरू कर सकते हैं। एक ही छत के नीचे कई अलग-अलग इकाइयां संचालित होंगी, जिससे बिजली, पानी, सुरक्षा और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं का साझा और सस्ता इस्तेमाल हो सकेगा।
पूर्वांचल में रोजगार और निवेश की क्रांति
इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह कॉम्प्लेक्स पूर्वी उत्तर प्रदेश में रोजगार और निवेश की एक नई क्रांति लेकर आएगा। गीडा में स्थापित यह कॉम्प्लेक्स विशेष रूप से गारमेंट (कपड़ा उद्योग), इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और पैकेजिंग जैसे गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों के लिए वरदान साबित होगा।
सरकार का लक्ष्य है कि इस मॉडल की सफलता के बाद प्रदेश के अन्य प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों (जैसे कानपुर, आगरा और लखनऊ) में भी इसे लागू किया जाए। इस पहल से स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे युवाओं के पलायन पर लगाम लगेगी। राज्य सरकार की ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (Ease of Doing Business) नीति के तहत उठाया गया यह कदम यूपी की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।