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‘विकसित भारत’ की नींव में रोजगार का महा-संकल्प

आज शाम ₹2,400 करोड़ की सौगात देंगे पीएम मोदी, सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचेगी प्रोत्साहन राशि

राघवेंद्र प्रताप सिंह/ नई दिल्ली | भारत को साल 2047 तक एक पूर्ण विकसित राष्ट्र (Developed Nation) बनाने के महा-अभियान में आर्थिक आत्मनिर्भरता और युवा शक्ति सबसे बड़े स्तंभ हैं। इसी विज़न को धरातल पर उतारने और देश के युवाओं व उद्यमियों को सीधे तौर पर सशक्त करने के लिए आज देश की राजधानी एक ऐतिहासिक वित्तीय समावेशन की गवाह बनने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 5 बजे नई दिल्ली के प्रतिष्ठित विज्ञान भवन में आयोजित एक विशेष और भव्य कार्यक्रम के दौरान ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ (PM-VBRY) के तहत ₹2,400 करोड़ की विशाल प्रोत्साहन राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डिजिटल माध्यम से (DBT) ट्रांसफर करेंगे।

यह कदम न केवल देश के भीतर रोजगार सृजन (Job Creation) की रफ्तार को नई गति देगा, बल्कि एमएसएमई (MSME) सेक्टर और नए स्टार्टअप्स के लिए एक बड़े बूस्टर डोज़ की तरह काम करेगा।

क्या है ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ (PM-VBRY)?

इस मेगा-वितरण को समझने के लिए इस योजना के मूल ढांचे को समझना आवश्यक है। केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ का मुख्य उद्देश्य देश के संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है।

इस योजना के तहत उन नियोक्ताओं (Employers) और कंपनियों को वित्तीय प्रोत्साहन (Financial Incentives) दिया जाता है, जो अपने यहाँ नए कार्यबल (New Employees) को जोड़ते हैं और उन्हें ईपीएफओ (EPFO) जैसी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाते हैं। इसके साथ ही, योजना के अंतर्गत कौशल विकास (Skill Development) पूरा कर चुके युवाओं को सीधे उनके खातों में ‘स्टार्ट-अप स्टाइपेंड’ और रोजगार प्रोत्साहन भत्ता भी प्रदान किया जाता है। आज जो ₹2,400 करोड़ की राशि जारी की जा रही है, वह इसी रणनीति का हिस्सा है, जिससे सीधे तौर पर लाखों युवा और छोटे उद्यमी लाभांवित होंगे।

विज्ञान भवन में हाई-टेक कार्यक्रम: सीधा संवाद और डीबीटी

शाम 5 बजे होने वाले इस कार्यक्रम को पूरी तरह से हाई-टेक और पारदर्शी रखा गया है। विज्ञान भवन में मुख्यमंत्रियों, केंद्रीय मंत्रियों, उद्योग जगत के दिग्गजों और सैकड़ों लाभार्थियों की मौजूदगी रहेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रिमोट का बटन दबाकर एक सिंगल क्लिक के जरिए देश के कोने-कोने में बैठे लाभार्थियों के खातों में पैसा भेजेंगे।

इस दौरान पीएम मोदी देश के विभिन्न राज्यों के कुछ चुनिंदा लाभार्थियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीधा संवाद भी करेंगे। वे यह जानने की कोशिश करेंगे कि इस सरकारी मदद ने उनके जीवन और व्यवसाय को किस तरह बदला है। डिजिटल इंडिया और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) की ताकत का यह एक और जीवंत उदाहरण होगा, जहाँ बिना किसी बिचौलिए या लालफीताशाही के, शत-प्रतिशत राशि सीधे हकदार की जेब में पहुंच रही है।

बाजार और रोजगार पर पड़ने वाला सीधा असर

यह ₹2,400 करोड़ का वित्तीय प्रोत्साहन सीधे तौर पर देश के भीतर नए रोजगार सृजन की प्रक्रिया को तेज करेगा। जब कंपनियों को नया कार्यबल जोड़ने के लिए सरकारी स्तर पर वित्तीय मदद और प्रोत्साहन मिलता है, तो उनकी प्रारंभिक उत्पादन और परिचालन लागत में कमी आती है। इसका सीधा लाभ यह होता है कि वे बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन पाते हैं और अपने व्यापार का विस्तार कर पाते हैं।

दूसरी ओर, युवाओं और कौशल विकास प्राप्त कर चुके प्रशिक्षुओं के हाथों में सीधे स्टाइपेंड और भत्ता पहुंचने से उनकी तात्कालिक आर्थिक जरूरतें पूरी होती हैं। यह वित्तीय सहायता उन्हें शुरुआती दौर में आत्मनिर्भर बनाने में मदद करती है, जिससे वे पूरे आत्मविश्वास के साथ कार्यक्षेत्र में अपना योगदान दे पाते हैं। सरकार का यह कदम केवल एक तात्कालिक वित्तीय मदद नहीं है, बल्कि देश के युवाओं और छोटे उद्यमियों को एक मजबूत धरातल प्रदान करने का ठोस प्रयास है। आज का यह दिन ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को सच करने की दिशा में एक बहुत बड़ा और निर्णायक कदम साबित होगा।