‘सॉरी यूनिवर्स बॉस’—पोलार्ड ने तोड़ा गेल का टी20 रिकॉर्ड, फिर कहा माफ करना
वेस्टइंडीज के स्टार ऑलराउंडर कीरोन पोलार्ड ने टी20 में सबसे ज्यादा रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने यह उपलब्धि हासिल करते हुए अपने हमवतन दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ा और इसके बाद मजाकिया अंदाज में उनसे माफी भी मांगी।
मेजर लीग क्रिकेट में मुंबई की फ्रेंचाइजी की ओर से खेलते हुए पोलार्ड ने वाशिंगटन फ्रीडम के खिलाफ शानदार शतकीय पारी खेली। इसी पारी के दौरान उन्होंने टी20 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया। पोलार्ड अब टी20 में 736 मैचों की 653 पारियों में 14,582 रन बना चुके हैं। उनके नाम इस फॉर्मेट में 67 अर्धशतक और दो शतक दर्ज हैं।
इससे पहले यह रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम था, जिन्होंने अपने टी20 करियर में 463 मैचों की 455 पारियों में 14,562 रन बनाए थे। हालांकि गेल के नाम अभी भी टी20 की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने का रिकॉर्ड कायम है। उन्होंने नाबाद 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी। इसके अलावा उनके नाम इस फॉर्मेट में 22 शतक दर्ज हैं, जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है।

मैच के बाद पोलार्ड ने इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “क्रिस गेल को पीछे छोड़ना, जिन्हें हम वेस्टइंडीज में लंबे समय से अपना आइडल मानते रहे हैं, बेहद खास है। उन्होंने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में शानदार प्रदर्शन किया है। इसलिए एक बार फिर, सॉरी यूनिवर्स बॉस, लेकिन अब हम दोनों ही शीर्ष पर हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “नंबर छह या सात पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं होता। किसी न किसी को यह मुश्किल काम करना पड़ता है। जब हर खिलाड़ी टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी करना चाहता है, तब यह याद रखना जरूरी है कि एक क्रिकेट टीम में 11 खिलाड़ी होते हैं और हर किसी की अपनी भूमिका होती है।”
पोलार्ड ने कहा, “समय के साथ मेरी भूमिका मैच फिनिशर की बन गई और मैंने इसे पूरी तरह स्वीकार किया। जब आप किसी चुनौती को अपनाते हैं और उसके लिए लगातार अभ्यास करते हैं, तो अच्छे परिणाम अपने आप सामने आते हैं।”
एक दौर ऐसा भी था जब पोलार्ड, क्रिस गेल और ड्वेन ब्रावो जैसे खिलाड़ियों की आलोचना की जाती थी। आलोचकों का मानना था कि ये खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की तुलना में फ्रेंचाइजी क्रिकेट को अधिक प्राथमिकता देते हैं। हालांकि, इन खिलाड़ियों ने ही उस सोच की शुरुआत की, जो आज क्रिकेट जगत में सामान्य होती जा रही है।
अब वर्षों बाद पोलार्ड को अपने उस फैसले पर कोई पछतावा नहीं है। बल्कि उन्हें इस बात पर गर्व है। उन्होंने कहा, “बिल्कुल नहीं। अगर मैं कहूं कि मुझे पछतावा है, तो यह झूठ होगा। मैंने कभी यह कल्पना भी नहीं की थी कि मैं सबसे ज्यादा रन बनाने वाला बल्लेबाज बन जाऊंगा।”
उन्होंने आगे कहा, “लेकिन जिस बात पर मुझे सबसे ज्यादा गर्व है, वह यह है कि मैंने और क्रिस जैसे खिलाड़ियों ने एक बड़ा जोखिम उठाया। उस समय हमारा काफी मजाक उड़ाया गया था। आज आप देख सकते हैं कि खिलाड़ी कम उम्र में ही फ्रेंचाइजी क्रिकेट को प्राथमिकता दे रहे हैं और कई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेकर फ्रेंचाइजी लीग्स में खेल रहे हैं। क्योंकि अब क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं रह गया है, यह एक बड़ा बिजनेस भी बन चुका है।”