विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने लक्ज़मबर्ग के राष्ट्रीय दिवस पर शुभकामनाएं दीं

नई दिल्ली (राघवेंद्र प्रताप सिंह) : विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने लक्ज़मबर्ग के विदेश मंत्री ज़ेवियर बेटेल और वहां के लोगों को उनके राष्ट्रीय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। एक सोशल मीडिया पोस्ट में, डॉ. जयशंकर ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत-लक्ज़मबर्ग साझेदारी लगातार और भी मजबूत होती रहेगी।
भारत लक्जमबर्ग संबंध : भारत और लक्जमबर्ग के बीच राजनयिक संबंध 1948 में स्थापित हुए थे और हाल के वर्षों में व्यापार, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी तथा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में ये संबंध काफी मजबूत हुए हैंl लक्जमबर्ग स्टॉक एक्सचेंज में 170 से अधिक भारतीय कंपनियां सूचीबद्ध हैंl लक्जमबर्ग का दूतावास नई दिल्ली में स्थित हैl भारत की ओर से बेल्जियम (ब्रसेल्स) स्थित भारतीय दूतावास लक्जमबर्ग के लिए मान्यता प्राप्त हैl
भारत में मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और बेंगलुरु में लक्जमबर्ग के मानद वाणिज्य दूतावास मौजूद हैं l लक्जमबर्ग भारत के लिए एक बड़ा विदेशी निवेशक (FDI) हैl ग्रीन और सस्टेनेबल फाइनेंस के मामले में दोनों देशों के बीच गहरा सहयोग है l दोनों देशों के बीच दोहरा कराधान बचाव संधि (DTAA) और सामाजिक सुरक्षा समझौता लागू है l
लक्जमबर्ग के अंतरिक्ष और उपग्रह पारिस्थितिकी तंत्र में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और IIIT कोट्टायम जैसी संस्थाएं उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग (MeluXina) के क्षेत्र में काम कर रही हैं।
भारत और लक्जमबर्ग ने राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने पर संयुक्त रूप से स्मारक डाक टिकट जारी किए थे, जिन पर प्रसिद्ध कलाकार अमर नाथ सहगल की कलाकृतियां छपी थींl