यूपी में ‘एप्पल’ की एंट्री, सीएम योगी का ‘मास्टरस्ट्रोक’: ग्रेटर नोएडा में अगले महीने से शुरू होगा फॉक्सकॉन के मेगा आईफोन प्लांट का निर्माण

राघवेंद्र प्रताप सिंह/ ग्रेटर नोएडा : उत्तर प्रदेश को भारत का सबसे बड़ा ‘इलेक्ट्रॉनिक्स हब’ बनाने और राज्य की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर (1 Trillion Dollar) तक पहुंचाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्प ने अब जमीनी हकीकत का रूप ले लिया है। ग्लोबल टेक मैन्युफैक्चरिंग की दिग्गज और एप्पल (Apple) के लिए आईफोन बनाने वाली ताइवानी कंपनी ‘फॉक्सकॉन’ (Foxconn) ने उत्तर प्रदेश में अपनी आधिकारिक और भव्य एंट्री की घोषणा कर दी है।
राज्य सरकार द्वारा ग्रेटर नोएडा (यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण – YEIDA क्षेत्र) में 150 एकड़ जमीन का आधिकारिक आवंटन पत्र सौंपे जाने के बाद, फॉक्सकॉन ने पुष्टि की है कि वह जुलाई के पहले सप्ताह से अपनी विशाल आईफोन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का निर्माण कार्य शुरू कर देगी। यह प्रोजेक्ट न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने की ताकत रखता है।
सीएम योगी का विजन और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’
विदेशी निवेशकों को उत्तर प्रदेश में लाना कभी एक बड़ी चुनौती माना जाता था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों ने इस धारणा को पूरी तरह से तोड़ दिया है। फॉक्सकॉन जैसी विश्वस्तरीय कंपनी का यूपी आना सीधे तौर पर सीएम योगी की ‘जीरो टॉलरेंस’ (कानून-व्यवस्था) नीति और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (Ease of Doing Business) के प्रति उनकी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता का परिणाम है।
* रेड टेप से रेड कार्पेट तक: मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने इस मेगा प्रोजेक्ट की सीधे निगरानी की। भूमि अधिग्रहण, बिजली, पानी और पर्यावरण एनओसी (NOC) जैसी जटिल कागजी प्रक्रियाओं को ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ के जरिए रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया, जिसने विदेशी निवेशकों का भरोसा जीता।
* सुरक्षित निवेश का माहौल: योगी सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि यूपी में अब माफिया राज नहीं, बल्कि उद्योगों का राज है। इसी सुरक्षित माहौल के कारण फॉक्सकॉन ने चीन और दक्षिण भारत के राज्यों के बजाय ग्रेटर नोएडा को अपनी अगली बड़ी फैक्ट्री के लिए चुना।
प्रोजेक्ट की मुख्य बातें: रोजगार और विकास का नया युग
ग्रेटर नोएडा में बनने वाला ये मेगा आईफोन प्लांट ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक इन यूपी’ (Make in UP) का सबसे बड़ा ब्रांड एंबेसडर बनने जा रहा है।
* बंपर रोजगार: शुरुआती अनुमानों के अनुसार, इस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के चालू होने से प्रदेश के लगभग 35,000 से 40,000 युवाओं को प्रत्यक्ष (Direct) रोजगार मिलेगा, जिनमें बड़ी संख्या में महिला कर्मचारियों की भागीदारी होगी। इसके अलावा लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन में लाखों अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे।
* लोकल वेंडर्स को बढ़ावा: फॉक्सकॉन के आने से ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में मोबाइल पार्ट्स, बैटरी और डिस्प्ले बनाने वाली दर्जनों छोटी-बड़ी सहायक कंपनियां (Ancillary Units) भी अपना बेस बनाएंगी, जिससे पूरा एनसीआर (NCR) एक ग्लोबल टेक इकोसिस्टम में तब्दील हो जाएगा।
दक्षिण भारत के एकाधिकार को यूपी की चुनौती
अब तक भारत में एप्पल के आईफोन या अन्य हाई-एंड इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्माण मुख्य रूप से तमिलनाडु, कर्नाटक और महाराष्ट्र तक ही सीमित था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों ने पहली बार इस एकाधिकार को तोड़ा है। यह इस बात का प्रमाण है कि यूपी अब केवल कृषि प्रधान राज्य नहीं रहा, बल्कि वह एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर और एआई-संचालित उद्योगों (AI-driven Industries) के मामले में देश के दक्षिणी राज्यों को कड़ी टक्कर दे रहा है।
यूपी के लिए एक टर्निंग पॉइंट
ग्रेटर नोएडा में फॉक्सकॉन के प्लांट की नींव रखा जाना उत्तर प्रदेश के इतिहास का एक टर्निंग पॉइंट है। जब जुलाई के पहले हफ्ते में इस 150 एकड़ जमीन पर मशीनें गरजनी शुरू होंगी, तो वह केवल एक मोबाइल फैक्ट्री का निर्माण नहीं होगा, बल्कि वह सीएम योगी आदित्यनाथ के उस नए और औद्योगिक उत्तर प्रदेश की आधारशिला होगी, जो विदेशी निवेश के मामले में देश का ग्रोथ इंजन (Growth Engine) बन रहा है। इस एक प्रोजेक्ट ने वैश्विक पटल पर यह साबित कर दिया है कि उत्तर प्रदेश अब निवेश के लिए पूरी तरह से तैयार और सुरक्षित है।