दिल्ली कैबिनेट ने 2030 तक शून्य-उत्सर्जन परिवहन की ओर बढ़ने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन नीति को मंजूरी दी

नई दिल्ली (राघवेंद्र प्रताप सिंह) : दिल्ली सरकार ने एक महत्वाकांक्षी इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति को मंजूरी दे दी है। नई नीति के अनुसार, 30 लाख रुपये तक की कीमत वाली ईवी कारों को पंजीकरण शुल्क और सड़क कर से छूट दी गई है। नई नीति में पुराने वाहनों को स्क्रैप करने पर नई ईवी खरीदने के लिए 1 लाख रुपये का प्रोत्साहन भी दिया गया है, और यह अनिवार्य किया गया है कि अप्रैल 2028 से केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का ही पंजीकरण किया जा सकेगा।
1 जुलाई से शुरू होने वाली चार साल की चरणबद्ध योजना के तहत, राष्ट्रीय राजधानी को 31 मार्च 2030 तक पूरी तरह से शून्य-उत्सर्जन परिवहन की ओर ले जाने के लिए 15 हजार करोड़ रुपये का भारी वित्तीय आवंटन किया गया है।
नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह नीति पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों, विशेष रूप से शून्य-उत्सर्जन वाहनों पर केंद्रित है, जिसका अंतिम लक्ष्य दिल्ली को धीरे-धीरे प्रदूषण मुक्त शहर में बदलना है, ताकि यहां के निवासियों को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार ने
अगले चार वर्षों में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने के लिए एक व्यापक योजना तैयार की है। सुश्री गुप्ता ने कहा कि सरकार इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बुनियादी ढांचे के निर्माण में 8 हजार करोड़ रुपये का निवेश करने और सड़क करों में वार्षिक छूट देने की योजना बना रही है। उन्होंने आगे कहा कि कुल मिलाकर, दिल्ली के लोगों को इस नीति के माध्यम से लगभग 15 हजार करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा।