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भारत की राष्ट्रपति आंध्र प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में हुईं शामिल 

अनंतपुरमु ( इंडियन व्यू टीम) : भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आज 1 जुलाई, 2026 को आंध्र प्रदेश के अनंतपुरमु में आंध्र प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं।
इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि आंध्र प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समारोह न केवल उत्सव मनाने का दिन है, बल्कि इस नए संस्थान की विकास-यात्रा का एक निर्णायक चरण भी है। उन्होंने कहा, मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई कि भविष्य के लिए पूर्णतः तैयार संस्थान बनने के लिए यह विश्वविद्यालय एक दूरगामी सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों और विशेषकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति इसकी प्रतिबद्धता, समावेशी और समतामूलक विकास के प्रति उत्तरदायित्व की भावना दर्शाती है। उन्होंने विश्वास जताया कि आंध्र प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय सेंटर ऑफ एक्सिलेंस बनकर उभरेगा और वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ की संकल्पना को साकार करने में उल्लेखनीय योगदान देगा।

उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यह दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के वर्षों के समर्पण, दृढ़ निश्चय और कड़े परिश्रम की सुखद परिणति है। अनेक सपने सँजोए हुए उन्होंने विश्वविद्यालय में प्रवेश किया था। आज वे ज्ञान एवं आत्मविश्वास से युक्त होकर वह डिग्री यहाँ से लेकर जा रहे हैं जो उनके लिए संभावनाओं के नए द्वार खोलेगी।

राष्ट्रपति ने कहा कि यद्यपि विद्यार्थियों को सफलता उनके स्वयं के कड़े परिश्रम से मिलती है, किंतु इस सफलता में उनके माता-पिता का त्याग, शिक्षकों का मार्गदर्शन और समाज का भी योगदान होता है। इसलिए, उनकी जिम्मेदारी है कि वे समाज का ऋण भी चुकाएं। चाहे वे रोजगार का सृजन करने वाले उद्यमी बनें, नवाचार को बढ़ावा देने वाले वैज्ञानिक बनें, जनता के लिए काम करने वाले लोकसेवक बनें या फिर समाज की सेवा करने वाले लोकोपकारी बनें, उनकी शिक्षा वंचित वर्ग के सशक्तीकरण का स्रोत बननी चाहिए।