Trending

नीति आयोग ने “स्ट्रेटेजिक रोडमैप फॉर मेकिंग आयुर्वेद ग्लोबल” पर रिपोर्ट जारी की 

नई दिल्ली (विवेक ओझा) : नीति आयोग ने 2 जुलाई 2026 को “स्ट्रेटेजिक रोडमैप फॉर मेकिंग आयुर्वेद ग्लोबल” शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की जिसमें वैश्विक स्तर पर आयुर्वेद की वर्तमान स्थिति का व्यापक आकलन प्रस्तुत करते हुए आयुर्वेद को विश्व स्तर पर स्थापित करने के लिए चरणबद्ध रोडमैप की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है।

रिपोर्ट नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी ने नीति आयोग के सदस्य प्रो. (डॉ.) एम. श्रीनिवास तथा आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा की उपस्थिति में जारी की गई। इस अवसर पर नीति आयोग, आयुष मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, विभिन्न सरकारी संस्थानों, अनुसंधान संस्थानों, उद्योग संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य हितधारक भी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री अशोक कुमार लाहिड़ी ने कहा कि आयुर्वेद का वैश्वीकरण भारत को पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इससे न केवल देश को उल्लेखनीय आर्थिक लाभ प्राप्त होगा, बल्कि रोजगार सृजन, निर्यात में वृद्धि तथा भारत की सांस्कृतिक एवं ज्ञान-आधारित सॉफ्ट पावर को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी मंत्रालयों समग्र दृष्टिकोण अपनाना होगा, ताकि निर्धारित समय-सीमा में इसका सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

नीति आयोग के सदस्य प्रो. (डॉ.) एम. श्रीनिवास ने कहा कि आयुर्वेद का वैश्वीकरण केवल इसके बाज़ार का विस्तार करने या निर्यात बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इसका मूल उद्देश्य विश्वभर के लोगों के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार करना तथा उन्हें स्वस्थ, संतुलित और अधिक संतोषपूर्ण जीवन के लिए उपचार का साक्ष्य-आधारित अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराना है। साथ ही, यह “सर्वे भवन्तु सुखिनः” की भावना को साकार करता है।