जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल ने गंगा पुनर्जीवन हेतु सशक्त कार्यबल की 19वीं बैठक की अध्यक्षता की

नई दिल्ली (अभिषेक सिंह) : नदी पुनर्जीवन के समग्र दृष्टिकोण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करते हुए, गंगा नदी पर सशक्त कार्यबल (Empowered Task Force-ETF) की 19वीं बैठक 2 जुलाई, 2026 को जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में नमामि गंगे कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की गई तथा बेहतर आधारभूत संरचना, वैज्ञानिक जल प्रबंधन, नीतिगत सुधारों और विभिन्न हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से नदी पुनर्जीवन की गति तेज करने के उद्देश्य से प्रमुख हस्तक्षेपों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में जल शक्ति राज्य मंत्री श्री राज भूषण चौधरी ने भी सहभागिता की। इसके साथ ही विभिन्न मंत्रालयों और राज्य सरकारों के प्रमुख हितधारकों ने भी बैठक में भाग लिया। इनमें जल संसाधन विभाग के सचिव श्री वी.एल. कांताराव; पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव श्री अशोक के.के. मीना; राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक श्री राजीव कुमार मित्तल; तथा जल संसाधन विभाग के संयुक्त सचिव एवं वित्तीय सलाहकार (JS&FA) श्री गौरव मसालदान शामिल रहे। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के उप महानिदेशक श्री नलिन श्रीवास्तव; श्री बृजेन्द्र स्वरूप, कार्यकारी निदेशक (परियोजनाएँ); श्री अनूप कुमार श्रीवास्तव, कार्यकारी निदेशक (तकनीकी); तथा श्री भास्कर दासगुप्ता, कार्यकारी निदेशक (वित्त) भी उपस्थित रहे।
बैठक में बताया गया कि अब तक कुल 524 परियोजनाओं को स्वीकृति दी जा चुकी है, जिनकी अनुमानित लागत ₹43,031 करोड़ है, जिनमें से 363 परियोजनाएँ पूर्ण हो चुकी हैं। सीवरेज अवसंरचना के अंतर्गत 218 परियोजनाएँ स्वीकृत की गई हैं, जिनकी उपचार क्षमता 6,610 एमएलडी तथा सीवर नेटवर्क 5,233 किलोमीटर है, जबकि 145 सीवरेज परियोजनाएँ पहले ही पूर्ण हो चुकी हैं, जिनके माध्यम से 4,263 एमएलडी उपचार क्षमता का सृजन एवं पुनर्स्थापन तथा 4,611 किलोमीटर से अधिक सीवर नेटवर्क का निर्माण किया गया है। इस कार्यक्रम में अब तक ₹21,550 करोड़ से अधिक व्यय दर्ज किया गया है, जो गंगा बेसिन राज्यों में परियोजनाओं के सतत क्रियान्वयन को दर्शाता है।