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120 मिलियन लोगों को खुश किया, मिस्र ने रचा इतिहास; पहली बार अंतिम-16 में

फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में मिस्र ने पहली बार अंतिम 16 का टिकट हासिल कर लिया है। राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में मिस्र ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पेनल्टी शूटआउट में ऑस्ट्रेलिया को 4-2 से हराया। यह मिस्र की वर्ल्ड कप इतिहास की पहली नॉकआउट जीत है।

ऐतिहासिक जीत के बाद टीम के फॉरवर्ड खिलाड़ी हैसेम हसन ने कहा कि इस सफलता से उनके देश के लगभग 120 मिलियन लोग खुश हुए होंगे। मैच के बाद हसन ने कहा कि यह जीत सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का पल है।

फॉरवर्ड खिलाड़ी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि होटल के बाहर बड़ी संख्या में मिस्र के प्रशंसक उनका स्वागत करने के लिए मौजूद होंगे। उनके अनुसार यह दिन उनके करियर के सबसे खास दिनों में से एक है। हसन ने ‘फीफा’ से बातचीत में कहा, “सच कहूं तो यह अविश्वसनीय एहसास है।

@EgyptNT_EN

हमने आज 120 मिलियन लोगों को खुश किया है। पूरे देश में जश्न मनाया जाएगा। इतने लोगों की खुशी का कारण बनना अपने आप में बहुत बड़ी बात है। जब आप जानते हैं कि आपने इतने लोगों को खुश किया है, तो आपको भी बहुत खुशी मिलती है। यह हमारे लिए परफेक्ट दिन है। अब हम लॉकर रूम में जश्न मनाने के लिए उत्साहित हैं और उम्मीद है कि होटल में हमारे फैंस हमारा इंतजार कर रहे होंगे।”

मिस्र और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया यह मुकाबला काफी रोमांचक रहा। 13वें मिनट में इमाम अशूर ने करीम हाफेज के क्रॉस पर शानदार हेडर लगाकर मिस्र को 1-0 की बढ़त दिलाई। हालांकि, दूसरे हाफ में ऑस्ट्रेलिया को एक गोल मिल गया, जब मिस्र के खिलाड़ी एडेन ओ’नील ने गेंद को रोकने की कोशिश में गलती से उसे अपने ही नेट में डाल दिया।

इससे स्कोर 1-1 से बराबर हो गया। इसके बाद निर्धारित 90 मिनट में कोई भी टीम निर्णायक गोल नहीं कर सकी और मैच अतिरिक्त समय में चला गया। अतिरिक्त समय में भी दोनों टीमों ने कई प्रयास किए, लेकिन कोई गोल नहीं हो पाया।

आखिरकार मुकाबला पेनल्टी शूटआउट में गया, जहां मिस्र ने शानदार प्रदर्शन किया। उनकी टीम ने अपने चारों पेनल्टी को गोल में बदला, जबकि ऑस्ट्रेलिया के हैरी साउटर और लुकास हेरिंगटन लक्ष्य से चूक गए। इस जीत के साथ मिस्र ने राउंड ऑफ 16 में जगह बना ली है, जहां उसका सामना 8 जुलाई को अर्जेंटीना से होगा।

गोलकीपर मुस्तफा शौबिर ने भी मैच के बाद टीम के प्रदर्शन की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मिस्र की सबसे बड़ी ताकत उनका धैर्य और संघर्ष करने की क्षमता है। उन्होंने कहा, “यह हमारे खून में है कि हम अंत तक लड़ते हैं। चाहे हालात कैसे भी हों, हम हार नहीं मानते।”

शौबिर ने यह भी बताया कि टीम ने शुरुआत से ही तय कर लिया था कि वे सिर्फ ग्रुप स्टेज खेलकर घर नहीं लौटेंगे। उन्होंने कहा कि यह सपना अब हकीकत बन रहा है और टीम इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि टीम को कई चोटों और मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन खिलाड़ियों ने हार नहीं मानी। उन्होंने इसे किस्मत और मेहनत दोनों का परिणाम बताया और उम्मीद जताई कि टीम आगे भी इसी तरह प्रदर्शन करती रहेगी।