इंग्लैंड को चुनौती देने को तैयार मेक्सिको, जिमेनेज ने बताई टीम की सबसे बड़ी ताकत
फीफा विश्व कप के राउंड ऑफ 16 में सोमवार को मेक्सिको का मुकाबला इंग्लैंड के खिलाफ होना है। इस अहम मुकाबले के लिए मेक्सिको पूरी तरह तैयार है।
टीम ने अब तक टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है और पूरे आत्मविश्वास के साथ नॉकआउट मुकाबले में उतरने को तैयार है। मेक्सिको के अनुभवी स्ट्राइकर राउल जिमेनेज का मानना है कि विश्व कप में टीम के दमदार प्रदर्शन की सबसे बड़ी वजह खिलाड़ियों के बीच एकता और लड़ने का जज्बा है।
जिमेनेज ने फीफा से बातचीत में कहा, “हम पूरी तरह से अपने लक्ष्य पर केंद्रित और एकजुट हैं। टीम के भीतर एकजुटता और पारिवारिक माहौल ने हमें बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रेरित किया है। हमें अभी मेक्सिको के लिए एक और अहम मैच खेलना है और हम अच्छी तरह जानते हैं कि इस मुकाबले में क्या दांव पर लगा है।”

उन्होंने आगे कहा, “हम अपनी पूरी ताकत झोंक देंगे। हमारी टीम वास्तव में बहुत मजबूत है। जेवियर एगुइरे के कार्यभार संभालने के बाद से हम सभी एकजुट होकर आगे बढ़ रहे हैं। हमारे लिए आसमान ही सीमा है।”
इंग्लैंड के खिलाफ इस मुकाबले में एक दिलचस्प व्यक्तिगत पहलू भी देखने को मिलेगा। जिमेनेज ने इंग्लिश प्रीमियर लीग में इंग्लैंड के गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड का छह बार सामना किया है और हर बार उनके खिलाफ गोल करने में सफल रहे हैं। एवर्टन के गोलकीपर पिकफोर्ड ने जिमेनेज से छह गोल खाए हैं, जो किसी भी एक खिलाड़ी के खिलाफ मैक्सिकन स्ट्राइकर के करियर का सबसे सफल रिकॉर्ड है।
35 वर्षीय जिमेनेज के लिए यह विश्व कप व्यक्तिगत रूप से भी बेहद खास रहा है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टूर्नामेंट में किया गया उनका गोल विश्व कप इतिहास में उनका पहला गोल था। इससे पहले वे पिछले तीन विश्व कप संस्करणों में गोल करने में सफल नहीं हो पाए थे। यह भावुक पल उन्होंने अपने पिता को समर्पित किया, जिनका मार्च में निधन हो गया था।
जिमेनेज ने कहा, “अगर मेरे पिता यहां होते तो स्टेडियम में सबसे खुश इंसान वही होते। यह गोल मैंने उन्हें समर्पित किया।” अगर दोनों टीमों के आपसी रिकॉर्ड की बात करें तो इंग्लैंड और मेक्सिको अब तक 9 आधिकारिक मुकाबलों में आमने-सामने आ चुके हैं। इनमें इंग्लैंड ने 6 मैच जीते हैं, जबकि मेक्सिको को 2 मुकाबलों में जीत मिली है। दोनों टीमों के बीच 1 मैच ड्रॉ रहा है।