ऑस्ट्रेलिया की बादशाहत बरकरार, सातवीं बार जीता महिला टी-20 विश्व कप
महिला क्रिकेट की सबसे सफल टीम ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों में उसका कोई मुकाबला नहीं है। लॉर्ड्स में खेले गए आईसीसी महिला टी-20 विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने मेजबान इंग्लैंड को 7 विकेट से करारी शिकस्त देकर इतिहास रच दिया।
इस शानदार जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने रिकॉर्ड सातवीं बार टी-20 विश्व कप का खिताब अपने नाम कर महिला क्रिकेट में अपनी बादशाहत एक बार फिर कायम कर दी। 151 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य को ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से बौना साबित कर दिया.
लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम को बेथ मूनी ने धमाकेदार शुरुआत दी. मूनी ने फाइनल के बड़े मंच पर जिम्मेदारी से बल्लेबाजी करते हुए शानदार अर्धशतक जड़ा. उन्होंने 64 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली. उनका भरपूर साथ युवा बल्लेबाज फीबी लिचफील्ड ने दिया, जो अपने अर्धशतक से महज 2 रन चूक गईं.

लिचफील्ड ने 48 रनों की बेहद आक्रामक पारी खेली. दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 100 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी कर इंग्लैंड के गेंदबाजों को मुकाबले से पूरी तरह बाहर कर दिया. इंग्लैंड से लॉरेन बेल, चार्ली डीन और सोफी एक्लस्टन ही 1-1 विकेट चटकाने में कामयाब हो सकीं.
इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही थी और टीम ने नियमित अंतराल पर अपने ऊपरी क्रम के 4 विकेट गंवा दिए थे. इसके बाद कप्तान नैट सिवर-ब्रंट और फ्रेया कैम्प ने मोर्चा संभाला.
नैट सिवर-ब्रंट : कप्तान ने सूझबूझ भरी बल्लेबाजी करते हुए 58 रनों की नाबाद अर्धशतकीय पारी खेली.
फ्रेया कैम्प : उन्होंने कप्तान का बखूबी साथ निभाते हुए नाबाद 44 रन बनाए.
दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 80 रनों की अटूट साझेदारी कर इंग्लैंड के स्कोर को 20 ओवर में 4 विकेट पर 150 रन के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया था. ऑस्ट्रेलिया की कसी हुई गेंदबाजी के सामने लूसी हैमिल्टन, एनाबेल सदरलैंड, सोफी मोलिन्यू और किम गार्थ ने आपस में 1-1 विकेट बांटे.