Trending

प्रधानमंत्री मोदी की 3 देशों की ऐतिहासिक कूटनीतिक यात्रा: इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे से ‘एक्ट ईस्ट’ नीति को मिलेगी नई उड़ान

विवेक ओझा/  नई दिल्ली: भारत की वैश्विक भू-राजनीतिक पकड़ और इंडो-पैसिफिक (Indo-Pacific) क्षेत्र में अपनी रणनीतिक उपस्थिति को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (7 जुलाई 2026) अपनी तीन देशों की एक बेहद अहम और ऐतिहासिक कूटनीतिक यात्रा के लिए रवाना हो गए हैं। इस बहुआयामी विदेश दौरे के तहत प्रधानमंत्री इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड की यात्रा करेंगे। कूटनीतिक जानकारों के अनुसार, यह यात्रा भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ (Act East) नीति और ‘सागर’ (SAGAR) विजन को धरातल पर उतारने में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।

इंडोनेशिया: सामरिक और आर्थिक साझेदारी का नया अध्याय

प्रधानमंत्री की इस यात्रा का पहला पड़ाव इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता है, जहां वे राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर पहुंच रहे हैं। गौरतलब है कि राष्ट्रपति सुबियांतो 2025 में भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। जकार्ता में दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, रक्षा विनिर्माण, और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने पर कई अहम समझौते होने की उम्मीद है। दोनों नेता ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर परिसर का भी दौरा करेंगे, जो भारत और इंडोनेशिया के बीच गहरे सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों का प्रतीक है।

ऑस्ट्रेलिया: व्यापक रणनीतिक साझेदारी को धार

इंडोनेशिया के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर पहुंचेंगे। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ उनकी यह बैठक दोनों देशों के बीच ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ (Comprehensive Strategic Partnership) को एक नए मुकाम पर ले जाएगी। इस द्विपक्षीय वार्ता का मुख्य फोकस उभरती और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों (Critical Technologies), शिक्षा, साइबर सुरक्षा, और रक्षा सहयोग पर होगा। इसके अलावा, मेलबर्न में प्रधानमंत्री भारतीय मूल के एक विशाल प्रवासी समुदाय (Indian Diaspora) को भी संबोधित करेंगे, जो दोनों देशों के रिश्तों का एक प्रमुख स्तंभ है।

न्यूज़ीलैंड: व्यापार और तकनीकी सहयोग पर जोर

इस यात्रा का अंतिम पड़ाव न्यूज़ीलैंड का ऑकलैंड शहर होगा, जहां प्रधानमंत्री मोदी न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। मार्च 2025 में लक्सन की भारत यात्रा के बाद से दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों में काफी तेजी आई है। इस दौरे पर दोनों देश मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के विभिन्न पहलुओं और कृषि व डेयरी क्षेत्र में तकनीकी सहयोग पर विचार-विमर्श करेंगे। प्रधानमंत्री की यह त्रि-देशीय यात्रा स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि भारत अब एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के निर्माण में अग्रणी और निर्णायक भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।