Trending

अग्निपथ योजना में बड़े बदलाव की तैयारी? सशस्त्र बलों ने 4 साल से अधिक समय तक अग्निवीरों को सेवा में रखने की उठाई मांग

राघवेंद्र प्रताप सिंह/  नई दिल्ली: भारतीय रक्षा बलों में युवाओं की भर्ती के लिए लाई गई महत्वाकांक्षी ‘अग्निपथ योजना’ (Agnipath Scheme) को लेकर एक बार फिर बड़ी बहस छिड़ गई है। उच्च पदस्थ सैन्य सूत्रों के अनुसार, भारतीय सशस्त्र बलों (थल सेना, नौसेना और वायु सेना) ने रक्षा मंत्रालय के समक्ष एक औपचारिक मांग रखी है कि अग्निवीरों के सेवाकाल को वर्तमान 4 वर्ष की सीमा से बढ़ाया जाए। यह मांग ऐसे समय में उठी है जब सेनाओं को आधुनिक युद्ध कौशल और उच्च तकनीकी प्रशिक्षण वाले सैनिकों को लंबे समय तक बनाए रखने की आवश्यकता महसूस हो रही है।

क्या है सशस्त्र बलों का तर्क?

वर्ष 2022 में लागू की गई अग्निपथ योजना के तहत, 17.5 से 21 वर्ष की आयु के युवाओं को 4 साल के लिए सेना में भर्ती किया जाता है। इस अवधि के बाद, बैच के अधिकतम 25% सर्वश्रेष्ठ अग्निवीरों को ही स्थायी कमीशन (रेगुलर कैडर) में रखा जाता है, जबकि बाकी 75% को ‘सेवा निधि’ पैकेज के साथ वापस भेज दिया जाता है।

सशस्त्र बलों के शीर्ष कमांडरों ने रक्षा मंत्रालय को अवगत कराया है कि एक सैनिक को कॉम्बैट रेडी (युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार) करने और अत्याधुनिक हथियारों (जैसे राडार, मिसाइल सिस्टम, और साइबर सिक्योरिटी) का प्रशिक्षण देने में काफी समय और भारी निवेश लगता है। 4 साल का कार्यकाल इस उच्च-स्तरीय प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाने के लिए काफी कम है। बलों का मानना है कि जब तक एक सैनिक अपनी पूरी क्षमता और अनुभव हासिल करता है, तब तक उसके रिटायरमेंट का समय आ जाता है, जिससे सेना की समग्र मारक क्षमता (Operational Readiness) प्रभावित हो सकती है।

प्रस्तावित बदलाव और राजनीतिक दबाव

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सेना की ओर से यह प्रस्ताव दिया गया है कि रिटेन (स्थायी किए जाने वाले) किए जाने वाले अग्निवीरों का कोटा 25% से बढ़ाकर 50% या उससे अधिक कर दिया जाए। इसके अलावा, प्रारंभिक सेवाकाल को 4 वर्ष से बढ़ाकर 7 या 8 वर्ष करने के विकल्पों पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है, जहां विपक्षी दल लगातार इस योजना को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताकर इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सेनाओं की इस मांग के बाद, केंद्र सरकार आगामी बजट सत्र या रक्षा नीति समीक्षा के दौरान ‘अग्निपथ योजना’ में कुछ अहम और बड़े बदलावों की घोषणा कर सकती है, जो राष्ट्र की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य, दोनों के लिए लाभदायक होंगे।