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मिडिल ईस्ट में महायुद्ध के आसार: जहाजों पर हमले के बदले US ने ईरान पर की भीषण एयरस्ट्राइक; केशम द्वीप और बंदर अब्बास दहल उठे

वॉशिंगटन/तेहरान: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में एक बार फिर युद्ध की चिंगारी भड़क उठी है और अमेरिका व ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। बुधवार तड़के अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और सीधी सैन्य कार्रवाई करते हुए ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक (हवाई हमले) की हैं। यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तीन अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के महज कुछ घंटों बाद की गई है। अमेरिकी फाइटर जेट्स ने दक्षिणी ईरान में स्थित कई रणनीतिक सैन्य ठिकानों और बंदरगाहों को निशाना बनाया, जिससे पूरा इलाका दहल उठा है।

 

केशम द्वीप और बंदर अब्बास में गूंजे तेज धमाके, सैन्य ठिकाने तबाह

अमेरिकी अधिकारियों और खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस भीषण हवाई हमले से ईरान का रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण केशम द्वीप, बंदर अब्बास और सीरिक शहर पूरी तरह हिल गए हैं। ईरान के केशम और खार्ग द्वीपों पर देर रात एक के बाद एक कई तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। अमेरिकी हमलों में ईरान के कई तटीय सैन्य ठिकानों, मिसाइल डिपो और महत्वपूर्ण बंदरगाहों को भारी नुकसान पहुंचा है। इन हमलों में कई लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की भी खबर है। चौंकाने वाली बात यह है कि अमेरिका ने यह हमला उस समय किया, जब ईरान में पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा की रस्में चल रही थीं।

CENTCOM की पुष्टि: अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हमले की ईरान को चुकानी होगी भारी कीमत

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक तौर पर इन हमलों की पुष्टि की है। CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले निर्दोष कमर्शियल जहाजों पर ईरान द्वारा किए गए हमलों के जवाब में यह दंडात्मक कार्रवाई की गई है।

 

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का आधिकारिक बयान: “अमेरिकी सेनाओं ने ईरान के खिलाफ कई जोरदार और सटीक हमले शुरू किए हैं, ताकि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में निर्दोष नागरिकों वाले कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाने के लिए ईरान को भारी कीमत चुकानी पड़े। ईरान लगातार युद्धविराम का उल्लंघन कर रहा है और वैश्विक समुद्री सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

 

ईरान को अमेरिका का दोहरा झटका: तेल बिक्री का लाइसेंस भी किया रद्द

जहाजों पर हुए प्रोजेक्टाइल (मिसाइल/ड्रोन) हमलों के तुरंत बाद अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ ईरान पर बड़ा आर्थिक प्रतिबंध भी लगा दिया है। अमेरिका ने उस विशेष लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है, जो दोनों देशों के बीच लड़ाई खत्म करने के लिए हुए अंतरिम समझौते के तहत ईरान को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल (Petroleum Oil) बेचने की इजाजत देता था। अमेरिका के इस फैसले से ईरानी अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ा झटका लगा है। इस नए विवाद से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वैश्विक तेल टैंकरों के लिए एक बार फिर से गंभीर खतरा पैदा हो गया है, जिससे वैश्विक बाजार और आर्थिक तंत्र पर भारी दबाव आ सकता है।

 

ईरान भड़का, दी गंभीर परिणाम भुगतने की खुली धमकी

दूसरी तरफ, अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए वाशिंगटन को खुली चुनौती दी है। ईरान ने अमेरिका पर पूर्व में हुए शांति समझौते की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाया है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि इस अकारण किए गए हमले के लिए अमेरिका को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। तेहरान ने धमकी दी है कि अगर अमेरिकी हमले तुरंत नहीं रुके, तो वह अपने राष्ट्रीय हितों, क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए जवाबी सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। इस जवाबी धमकी के बाद मिडिल ईस्ट में बड़े पैमाने पर क्षेत्रीय युद्ध छिड़ने की आशंका गहरा गई है।