‘मौकों को भुना नहीं सके’, कोलंबिया की हार पर बोले कोच नेस्टर लोरेंजो
फीफा वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ-16 मुकाबले में स्विट्जरलैंड के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में हार के साथ ही कोलंबिया का टूर्नामेंट में सफर समाप्त हो गया। हार के बाद कोलंबिया के मुख्य कोच नेस्टर लोरेंजो ने कहा कि उनकी टीम ने पूरे मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन किया और 90 मिनट के खेल के आधार पर जीत की ज्यादा हकदार थी।
कोलंबिया और स्विट्जरलैंड के बीच खेला गया यह मुकाबला बेहद रोमांचक और कड़ा रहा। दोनों टीमें निर्धारित 90 मिनट और अतिरिक्त 120 मिनट तक एक भी गोल नहीं कर सकीं। मैच के दौरान कोलंबिया ने गेंद पर अधिक समय तक नियंत्रण बनाए रखा और गोल करने के लिए कई अवसर भी बनाए, लेकिन टीम अपने मौकों को गोल में तब्दील करने में सफल नहीं हो सकी।
कोलंबिया के पास मैच जीतने का सबसे सुनहरा मौका अतिरिक्त समय के अंतिम क्षणों में आया। सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी जैमिंटन कैम्पाज गोलकीपर को छकाने में सफल रहे, लेकिन उनका शॉट गोलपोस्ट के ऊपर से निकल गया। यह चूक अंततः टीम पर भारी पड़ गई और जीत का मौका हाथ से निकल गया।

120 मिनट तक कोई गोल नहीं होने के बाद मुकाबले का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ, जिसमें स्विट्जरलैंड ने 4-3 से जीत दर्ज की। रुबेन वर्गास ने निर्णायक पेनल्टी को गोल में बदलते हुए अपनी टीम को क्वार्टर फाइनल में पहुंचा दिया।
मैच के बाद नेस्टर लोरेंजो ने कहा कि उनकी टीम को मिले मौकों का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए था। उन्होंने स्वीकार किया कि मुकाबला रणनीतिक रूप से बेहद कठिन था, लेकिन खिलाड़ियों के प्रदर्शन, आक्रामक सोच और पूरे 90 मिनट के खेल को देखते हुए कोलंबिया बेहतर नतीजे का हकदार था।
लोरेंजो ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ा, खिलाड़ियों पर थकान का असर साफ दिखाई देने लगा, जिसके चलते टीम को अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ा। उन्होंने बताया कि जैमिंटन कैम्पाज को इसी उद्देश्य से मैदान पर उतारा गया था ताकि टीम के आक्रमण को और धार मिल सके।
कोच ने अपनी टीम के खिलाड़ियों की जमकर सराहना करते हुए कहा कि सभी खिलाड़ी दुनिया की बड़ी लीगों में खेलते हैं और उनमें बेहतरीन क्षमता है। उन्होंने कहा कि फुटबॉल ऐसा खेल है, जहां कई बार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद गोल नहीं हो पाता और छोटी-छोटी गलतियां भी बड़े अंतर का कारण बन जाती हैं।
लोरेंजो ने पूरे टूर्नामेंट में गोलकीपर्स के प्रदर्शन की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “इस वर्ल्ड कप के दौरान गोलकीपर्स ने जिस स्तर का प्रदर्शन किया है, वह शानदार रहा है।” उनके अनुसार, इस वर्ल्ड कप में कई मुकाबले बेहद करीबी रहे, जहां बेहद छोटे अंतर और मामूली गलतियों ने मैचों का फैसला किया।
कोलंबिया के अनुभवी स्ट्राइकर लुइस सुआरेज ने भी टीम के बाहर होने पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास था कि यह टीम टूर्नामेंट में और आगे तक जा सकती थी। सुआरेज ने टीम का समर्थन करने वाले प्रशंसकों का आभार जताते हुए कहा कि वर्ल्ड कप में कोलंबिया का प्रदर्शन सकारात्मक रहा और यह भविष्य के लिए एक मजबूत आधार साबित हो सकता है।