वियतनाम में भारतीय पर्यटकों के साथ बड़ा और दर्दनाक हादसा: फु क्वोक द्वीप के पास नाव पलटने से 15 की मौत, मृतकों में तमिलनाडु और आंध्र के नागरिक शामिल

विवेक ओझा/ हनोई/नई दिल्ली: छुट्टियां मनाने के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया गए भारतीय पर्यटकों के साथ एक बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक हादसा पेश आया है। वियतनाम के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल फु क्वोक (Phu Quoc) द्वीप के पास समुद्र में एक पर्यटक नाव के अचानक पलट जाने से 15 भारतीय नागरिकों की डूबने से मौत हो गई है। इस दुखद खबर ने भारत में शोक की लहर दौड़ा दी है। मृतकों में दक्षिण भारत के कई परिवार शामिल हैं, जो एक ग्रुप टूर पर वियतनाम घूमने गए थे।
हादसे का कारण: खराब मौसम और ओवरक्राउडिंग
वियतनामी तटरक्षक बल (Coast Guard) और स्थानीय पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब पर्यटक नाव फु क्वोक द्वीप से एक छोटे ‘आइलैंड हॉपिंग’ टूर पर निकली थी। अचानक समुद्र में मौसम खराब हो गया और तेज लहरों के थपेड़ों से नाव का संतुलन बिगड़ गया। रिपोर्टों में यह भी आशंका जताई गई है कि नाव पर क्षमता से अधिक लोग (Overcrowding) सवार थे और सुरक्षा मानकों (जैसे लाइफ जैकेट्स) का सख्ती से पालन नहीं किया गया था। नाव पलटने के बाद बचाव दल ने कई लोगों को सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन 15 भारतीयों की जान नहीं बचाई जा सकी।
मृतकों की पहचान और राज्यवार आंकड़े
भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया है कि मृतकों में सर्वाधिक 10 नागरिक तमिलनाडु के हैं, जबकि 3 नागरिक आंध्र प्रदेश और 2 केरल के रहने वाले हैं। यह सभी एक ही टूर ऑपरेटर के जरिए वियतनाम गए थे।
भारतीय दूतावास का रेस्क्यू और सहायता अभियान
हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने तुरंत संज्ञान लेते हुए अपनी एक विशेष टीम को फु क्वोक द्वीप के लिए रवाना कर दिया है।
- * दूतावास ने पीड़ित परिवारों की मदद के लिए एक 24×7 आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।
- * घायल भारतीय पर्यटकों का वियतनाम के स्थानीय अस्पतालों में मुफ्त और सर्वोच्च प्राथमिकता पर इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है।
- * शवों को जल्द से जल्द भारत (चेन्नई और हैदराबाद एयरपोर्ट) वापस लाने (Repatriation) के लिए वियतनामी प्रशासन के साथ कागजी औपचारिकताएं युद्ध स्तर पर पूरी की जा रही हैं।
तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए राज्य सरकारों की ओर से मृतकों के परिजनों को हर संभव प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।