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‘बेसिक्स’ ने दिलाई ऐतिहासिक जीत, अमोल मजूमदार ने बताया लॉर्ड्स फतह का मंत्र

भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने बोला कि इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए एकमात्र टेस्ट में भारत को संतुलित आक्रामकता अपनाने के कारण बड़ी जीत मिली।

उन्होंने शतकवीर यास्तिका भाटिया की ‘विशेष पारी’ और तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ की ‘नियंत्रित लाइन व लेंथ’ की भी सराहना की। क्रांति ने मैच में सात विकेट लिए जबकि भाटिया ने दूसरी पारी में शतक जमाकर भारत की 270 रन से बड़ी जीत में अहम भूमिका निभाई।

मजूमदार ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘आप ऐसा कह सकते हैं कि यह एक शानदार मैच था। हमने अच्छी बल्लेबाजी की, बेहतरीन गेंदबाजी की और उससे भी बेहतर फील्डिंग की। यह हमारे लिए एक अच्छा मैच था।’’

साभार : गूगल

उन्होंने कहा, ‘‘हमने ‘बेसिक्स’ (बुनियादी बातों) का अच्छी तरह से पालन किया। हमने बल्लेबाजी में अनुशासित रवैया अपनाया और गेंदबाजी में भी अनुशासित रहे। हमने अच्छी और नियंत्रित लाइन व लेंथ से गेंदबाजी की। इसलिए मुझे लगता है कि यह इस जीत का एक प्रमुख कारण था।’’

भाटिया की दूसरी पारी में 113 रन की शानदार पारी की बदौलत भारत ने इंग्लैंड के सामने 457 रन का विशाल लक्ष्य रखा। मेजबान टीम मात्र 186 रन ही बना सकी।

मजूमदार ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह विशेष पारी थी। लॉर्ड्स में खेलना और तिस पर शानदार प्रदर्शन करना। एक ऐसा प्रदर्शन जिसे वह (भाटिया) और टीम के सभी सदस्य हमेशा याद रखेंगे। जिस तरह से वह चोट से उबर कर वापस आई है, उससे मैं वास्तव में प्रभावित हुआ हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ उसका शॉट चयन शानदार था। उसने अपनी पारी को बहुत अच्छी तरह से संभाला। इसलिए मुझे लगता है कि यह एक बेहतरीन पारी थी।’’ क्रांति ने पहली पारी में 37 रन देकर पांच और दूसरी पारी में 54 रन देकर दो विकेट लिए और उन्हें मैच की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।

मजूमदार ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि क्रांति ने जिस तरह का नियंत्रण दिखाया वह शानदार था। वह बहुत अच्छी लय में थी। उसकी अपनी लाइन व लेंथ पर शानदार नियंत्रण था और उसने शॉर्ट पिच गेंद करने की गलती नहीं की।’’

मजूमदार से जब पूछा गया कि क्या भारत ने मैच से पहले अपनी बल्लेबाजी पर काम किया था, उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी जानते हैं कि बल्लेबाजी हमारी ताकत है। हमारे पास कुछ बेहतरीन विश्व स्तरीय बल्लेबाज हैं। स्मृति (मंधाना), जेमी (जामिमा रोड्रिग्स), हरमन (हरमनप्रीत कौर), दीप्ति (शर्मा), शेफाली (वर्मा), और ऋचा (घोष) के योगदान को नहीं भूलना चाहिए। यह सभी विश्व स्तरीय खिलाड़ी हैं।’’

उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में भाटिया की विकेटकीपर के रूप में भूमिका के बारे में कहा, ‘‘यास्तिका जब भी उपलब्ध होती थी, वह हमारी पहली पसंद की विकेटकीपर होती थी। उसने इसे बहुत अच्छी तरह से साबित किया।’’ महिलाओं के लिए भी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप शुरू करने की संभावना के बारे में मजूमदार ने कहा, ‘‘अगर ऐसा होता है तो हमें बहुत खुशी होगी। टेस्ट क्रिकेट इस खेल का सर्वश्रेष्ठ प्रारूप है।’’