नीट-यूजी (NEET UG) धांधली: सुप्रीम कोर्ट में कल होगी अहम सुनवाई, NTA की जवाबदेही पर आ सकता है बड़ा फैसला

पल्लवी श्रीवास्तव/ नई दिल्ली: देश भर के लाखों मेडिकल छात्रों के भविष्य से जुड़े नीट-यूजी (NEET UG) परीक्षा धांधली मामले में कल (गुरुवार) सुप्रीम कोर्ट में एक बेहद अहम सुनवाई होने जा रही है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित पेपर लीक, ग्रेस मार्क्स विवाद और बड़े पैमाने पर हुई धांधली को लेकर दायर कई याचिकाओं पर मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अगुवाई वाली पीठ सुनवाई करेगी। इस मामले ने पूरे देश में परीक्षा प्रणाली की शुचिता और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सीबीआई रिपोर्ट पर टिकी हैं निगाहें
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इस पूरे मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपनी प्राथमिक जांच रिपोर्ट एक सीलबंद लिफाफे में अदालत को सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने अपनी जांच में बिहार, झारखंड, गुजरात और महाराष्ट्र में सक्रिय ‘सॉल्वर गैंग्स’ के नेटवर्क को बेनकाब किया है। कल की सुनवाई में कोर्ट सीबीआई की इस रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन करेगा। रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर ही यह तय होगा कि परीक्षा में हुई धांधली कितने व्यापक स्तर पर थी।
क्या होगा NTA का भविष्य?
कल की सुनवाई का सबसे बड़ा आकर्षण NTA की जवाबदेही तय करना होगा। छात्रों और याचिकाकर्ताओं की मुख्य मांग है कि परीक्षा आयोजित कराने वाली संस्था की लापरवाही के कारण लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है। यदि अदालत को लगता है कि पेपर लीक की घटना पूरे देश में फैली हुई थी और परीक्षा की पवित्रता (Sanctity) पूरी तरह से भंग हुई है, तो ‘री-नीट’ (दोबारा परीक्षा) का ऐतिहासिक आदेश भी आ सकता है। हालांकि, सरकार का पक्ष है कि धांधली केवल कुछ विशिष्ट केंद्रों तक सीमित थी, इसलिए पूरी परीक्षा रद्द करना मेधावी छात्रों के साथ अन्याय होगा।
लाखों छात्रों की उम्मीद
परीक्षा प्रणाली में सुधार और दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग करते हुए छात्र लगातार सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट का कल का रुख यह स्पष्ट कर देगा कि भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा का अंतिम परिणाम क्या होगा। यह फैसला न केवल वर्तमान बैच के लिए, बल्कि भविष्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक नजीर (Precedent) साबित होगा।