दिल्ली में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने की ‘स्मार्ट’ पहल: NCMC कार्ड का उपयोग करने पर सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 10% अतिरिक्त परिवहन भत्ता

पल्लवी श्रीवास्तव/ नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली को ट्रैफिक जाम, भारी प्रदूषण और कागजी टिकटों के झंझट से मुक्त कर एक पूरी तरह से ‘स्मार्ट और कैशलेस’ परिवहन व्यवस्था से जोड़ने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बेहद अभिनव और शानदार पहल की है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर, परिवहन विभाग ने दिल्ली सरकार के सभी कर्मचारियों के लिए एक नई ‘ग्रीन मोबिलिटी रिवॉर्ड’ योजना की आधिकारिक घोषणा की है।
क्या है यह नई योजना?
इस योजना के तहत, यदि दिल्ली सरकार का कोई भी कर्मचारी अपने कार्यालय आने-जाने के लिए अपने निजी वाहन (कार या बाइक) के बजाय सार्वजनिक परिवहन—जैसे दिल्ली मेट्रो (DMRC), डीटीसी बसें (DTC), और क्लस्टर बसों—का उपयोग करता है और इसके लिए डिजिटल ‘नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड’ (NCMC) से भुगतान करता है, तो उसे एक बड़ा आर्थिक लाभ दिया जाएगा। सरकार ऐसे कर्मचारियों को उनके मासिक वेतन में मिलने वाले मूल परिवहन भत्ते (Transport Allowance) पर ‘10% अतिरिक्त नकद प्रोत्साहन’ (Cash Incentive) प्रदान करेगी।
उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी का परिवहन भत्ता 3,000 रुपये है, तो NCMC कार्ड के नियमित उपयोग को प्रमाणित करने पर उसे हर महीने 300 रुपये अतिरिक्त (कुल 3,300 रुपये) मिलेंगे।
आज से लगाए गए 28 विशेष शिविर
योजना को कागजों से निकालकर तेजी से जमीन पर उतारने और कर्मचारियों को NCMC कार्ड सुलभ कराने के लिए, आज दिल्ली सचिवालय सहित शहर के विभिन्न प्रमुख सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों और निगम दफ्तरों में 28 विशेष शिविर (Camps) लगाए गए हैं। इन शिविरों में बैंक अधिकारी और परिवहन विभाग की टीमें मौजूद हैं, जो मौके पर ही कर्मचारियों का ‘वन नेशन वन कार्ड’ (NCMC) बनाकर उन्हें सौंप रही हैं।
प्रदूषण कम करने और ट्रैफिक सुधारने की रणनीति
दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री ने इस पहल के पीछे का विजन साझा करते हुए कहा, “दिल्ली में हर दिन लाखों निजी वाहन सड़कों पर उतरते हैं, जो शहर के प्रदूषण और ट्रैफिक जाम का मुख्य कारण हैं। हम अपने कर्मचारियों से इसकी शुरुआत कर रहे हैं ताकि वे आम जनता के लिए एक रोल मॉडल (Role Model) बन सकें।”
यह कार्ड केवल दिल्ली में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में किसी भी मेट्रो, बस और यहां तक कि टोल प्लाजा व पार्किंग में भुगतान के लिए मान्य है। पर्यावरणविदों ने सरकार के इस कदम का जोरदार स्वागत किया है। उनका मानना है कि आर्थिक प्रोत्साहन (Financial Incentive) देकर लोगों के व्यवहार में बदलाव लाना (Behavioral Change) एक बहुत ही प्रभावी रणनीति है, जिससे भविष्य में दिल्ली की सड़कों पर गाड़ियों का बोझ काफी हद तक कम किया जा सकेगा।