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दिल्ली की आबोहवा होगी और साफ: सरकार ने 2,800 नई इलेक्ट्रिक बसों (ई-बसों) की खरीद को दी अंतिम मंजूरी, ‘ग्रीन पब्लिक ट्रांसपोर्ट’ को मिलेगा बड़ा बूस्ट

इंडियन व्यू टीम/  नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली को प्रदूषण से मुक्त करने और शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को विश्व स्तरीय बनाने की दिशा में दिल्ली कैबिनेट ने एक बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। सरकार ने दिल्ली परिवहन निगम (DTC) और क्लस्टर स्कीम के बेड़े में 2,800 नई अत्याधुनिक वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों (E-buses) की खरीद और संचालन को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। यह कदम दिल्ली को दुनिया के उन चुनिंदा शहरों की कतार में ला खड़ा करेगा, जिनके पास सबसे बड़ा ‘ग्रीन बस फ्लीट’ (Green Bus Fleet) मौजूद है।

अत्याधुनिक सुरक्षा और सुविधाओं से लैस

  • परिवहन मंत्री ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि ये नई 2,800 इलेक्ट्रिक बसें केवल प्रदूषण-मुक्त ही नहीं होंगी, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से तकनीक का बेहतरीन नमूना भी होंगी।
  • महिला सुरक्षा: हर बस में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 3 हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी (CCTV) कैमरे और पैनिक बटन (Panic Buttons) लगे होंगे, जो सीधे कश्मीरी गेट स्थित सेंट्रल कमांड कंट्रोल रूम से जुड़े होंगे।
  • जीपीएस और टिकटिंग: रीयल-टाइम ट्रैकिंग के लिए जीपीएस (GPS) और वन-नेशन-वन-कार्ड (NCMC) सपोर्ट करने वाली ई-टिकटिंग मशीनें उपलब्ध होंगी।
  • दिव्यांगों के लिए सुविधा: ये बसें ‘लो-फ्लोर’ (Low-floor) और ‘नीलिंग रैंप’ (Kneeling Ramp) तकनीक से लैस होंगी, जिससे व्हीलचेयर का इस्तेमाल करने वाले दिव्यांगों और बुजुर्गों को बस में चढ़ने-उतरने में कोई परेशानी न हो।

प्रदूषण में आएगी भारी कमी

दिल्ली सरकार की योजना पुरानी पड़ चुकी और प्रदूषण फैलाने वाली सीएनजी (CNG) बसों को धीरे-धीरे सड़कों से हटाने की है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2,800 नई इलेक्ट्रिक बसों के सड़क पर उतरने से अगले 10 वर्षों में राजधानी में लाखों टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) उत्सर्जन में कमी आएगी। इससे सर्दियों के दौरान दिल्ली में बनने वाले स्मॉग (Smog) से निपटने में भी काफी मदद मिलेगी।

कब तक आएंगी बसें?

इस भारी-भरकम प्रोजेक्ट के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अनुबंध के अनुसार, इन बसों की पहली खेप (लगभग 500 बसें) अगले तीन से चार महीनों में दिल्ली की सड़कों पर दौड़ने लगेंगी, जबकि शेष बसों की डिलीवरी अगले एक से डेढ़ साल के भीतर पूरी कर ली जाएगी। इस खरीद के बाद, दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन बेड़े में 70% से अधिक बसें शून्य-उत्सर्जन (Zero-emission) वाली इलेक्ट्रिक बसें होंगी। इसके साथ ही, बसों की चार्जिंग के लिए 15 नए और हाई-कैपेसिटी बस डिपो का निर्माण भी युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।