नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने देश के 15 नए शहरों को ‘पूर्ण सोलर सिटी’ में बदलने के लिए फंड जारी किया

Abhishek Singh/ नई दिल्ली: जलवायु परिवर्तन से निपटने और स्वच्छ ऊर्जा (Green Energy) के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व करने के लक्ष्य की दिशा में भारत सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने एक महत्वकांक्षी योजना के तहत देश के 15 प्रमुख शहरों को ‘पूर्ण सोलर सिटी’ (100% Solar City) के रूप में विकसित करने के लिए विशेष फंड जारी कर दिया है। इस पहल का उद्देश्य इन शहरों की ग्रिड बिजली पर निर्भरता को खत्म कर उन्हें पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित करना है।
क्या है ‘पूर्ण सोलर सिटी’ का कॉन्सेप्ट?
एक पूर्ण सोलर सिटी का अर्थ है उस शहर की कुल बिजली खपत (घरेलू, व्यावसायिक और सरकारी) का उत्पादन नवीकरणीय ऊर्जा, विशेषकर सौर ऊर्जा के माध्यम से किया जाएगा। मंत्रालय की इस योजना के तहत चयनित 15 शहरों में सरकारी इमारतों, रेलवे स्टेशनों, स्कूलों और बड़े व्यावसायिक परिसरों की छतों पर अनिवार्य रूप से रूफटॉप सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इसके अलावा, शहर की सभी स्ट्रीट लाइट्स और सरकारी वाहन भी सोलर एनर्जी या सौर ऊर्जा से चार्ज होने वाले ईवी (EV) चार्जिंग स्टेशनों से जुड़ेंगे।
नागरिकों को सीधा लाभ
इस योजना के क्रियान्वयन से आम नागरिकों को सबसे बड़ा फायदा बिजली बिलों में कटौती के रूप में मिलेगा। फंड का एक बड़ा हिस्सा घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए दी जाने वाली भारी सब्सिडी पर खर्च किया जाएगा। स्मार्ट मीटरिंग और नेट मीटरिंग सिस्टम को मजबूत किया जाएगा, ताकि जो नागरिक अपनी खपत से ज्यादा बिजली पैदा करें, वे उसे वापस ग्रिड को बेचकर आर्थिक लाभ भी कमा सकें।
कार्बन एमिशन (Carbon Emission) में आएगी भारी कमी
पर्यावरण की दृष्टि से यह प्रोजेक्ट अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इन 15 शहरों के पूरी तरह से सोलर होने से प्रतिवर्ष लाखों टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन रुकेगा, जो पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘नेट जीरो’ (Net Zero) लक्ष्य को हासिल करने में भारत की बड़ी मदद करेगा।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इन 15 शहरों का चयन उनके द्वारा पिछले कुछ वर्षों में स्मार्ट सिटी मिशन और ऊर्जा संरक्षण में किए गए बेहतर प्रदर्शन के आधार पर किया गया है। स्थानीय नगर निगमों और राज्य सरकारों के साथ मिलकर अगले 3 वर्षों में इन शहरों को विश्व स्तरीय ‘ग्रीन सिटी’ मॉडल के रूप में दुनिया के सामने पेश किया जाएगा।