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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का संसद मार्च: जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्ज, सुरक्षा कारणों से 5 मेट्रो स्टेशन बंद

अभिषेक सिंह/ नई दिल्ली: देश की राजधानी नई दिल्ली आज एक अभूतपूर्व छात्र आंदोलन की गवाह बनी। नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की खामियों के खिलाफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बैनर तले हजारों छात्रों ने आज जंतर-मंतर से संसद भवन की ओर ‘चलो संसद’ मार्च निकालने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस द्वारा उन्हें रोके जाने पर स्थिति हिंसक हो गई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए दिल्ली पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और हल्का लाठीचार्ज भी किया, जिससे इलाके में भारी तनाव फैल गया।

क्या है कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)?

यह कोई पारंपरिक राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि मई 2026 में सोशल मीडिया मैनेजर अभिजीत दिपके द्वारा शुरू किया गया एक व्यंग्यात्मक (Satirical) युवा आंदोलन है। भारत के मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी—जिसमें कथित तौर पर बेरोजगार युवाओं की तुलना ‘परजीवियों’ से की गई थी—के जवाब में छात्रों ने खुद को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का नाम दिया। उनका कहना है कि व्यवस्था उन्हें कीड़े-मकौड़े समझती है। 6 जून 2026 से ही ये छात्र जंतर-मंतर पर डेरा डाले हुए थे।

संसद मार्च और पुलिस की कार्रवाई

सोमवार, 20 जुलाई 2026 को संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन, CJP ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद घेराव का आह्वान किया था। दोपहर करीब 1 बजे जब छात्रों ने जंतर-मंतर के बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की, तो पुलिस के साथ उनकी सीधी झड़प हो गई। छात्रों ने हाथों में तिरंगा और किताबें ले रखी थीं, जिन्हें वे ‘समान शिक्षा के अधिकार’ का प्रतीक बता रहे थे।

सुरक्षा के मद्देनजर, दिल्ली पुलिस ने 1,000 से अधिक जवानों को तैनात किया और एहतियात के तौर पर केंद्रीय सचिवालय, पटेल चौक और उद्योग भवन सहित 5 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद कर दिए। पुलिस ने कई छात्र नेताओं को हिरासत में ले लिया है। इस आंदोलन ने एक बात साफ कर दी है कि देश का युवा अब शिक्षा के गिरते स्तर और बेरोजगारी को लेकर सड़कों पर उतरने से नहीं हिचकिचाएगा।