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जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ (Flash Flood) से तबाही, 12 लोगों की मौत, अमरनाथ यात्रा को अस्थाई रूप से किया गया निलंबित

विवेक ओझा/ श्रीनगर / जम्मू: पहाड़ी राज्यों में मॉनसून 2026 ने अपना विनाशकारी रूप दिखाना शुरू कर दिया है। जम्मू-कश्मीर के विभिन्न इलाकों में पिछले 24 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश के बाद कई जगहों पर बादल फटने (Cloudburst) और अचानक आई बाढ़ (Flash Flood) ने भारी तबाही मचाई है। आपदा प्रबंधन अधिकारियों द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस प्राकृतिक त्रासदी में अलग-अलग हादसों में कम से कम 12 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। बिगड़ते मौसम को देखते हुए पवित्र अमरनाथ यात्रा को एहतियातन अस्थाई रूप से रोक दिया गया है।

गांदरबल और रामबन में भारी तबाही

सबसे ज्यादा नुकसान गांदरबल, रामबन और किश्तवाड़ जिलों में हुआ है। गांदरबल के कंगन इलाके में बीती रात बादल फटने से आए पानी के तेज बहाव ने दर्जनों मकानों, दुकानों और कृषि भूमि को अपनी चपेट में ले लिया। पानी और मलबे के साथ बह जाने से यहाँ 7 लोगों की मौत हो गई। वहीं, जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर रामबन के पास भारी भूस्खलन होने से राजमार्ग यातायात के लिए पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं।

अमरनाथ यात्रा अस्थाई रूप से निलंबित

बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) और स्थानीय प्रशासन ने दोनों मार्गों—पहलगाम और बालटाल—से अमरनाथ यात्रा को फिलहाल रोक दिया है। बालटाल और नुनवान बेस कैंप पर हजारों श्रद्धालुओं को रोक दिया गया है और उन्हें सुरक्षित शेल्टरों में ठहराया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक मौसम साफ नहीं हो जाता और ट्रैक की मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक तीर्थयात्रियों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सेना और एनडीआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन

राहत और बचाव कार्यों के लिए भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कर दिया गया है। सेना के हेलीकॉप्टरों के जरिए दूरदराज के इलाकों में फंसे लोगों को एयरलिफ्ट करने का काम जारी है। मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के लिए जम्मू और कश्मीर संभाग के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे प्रशासन पूरी तरह से हाई-अलर्ट पर है।