राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन करते हुए हिरासत में, CJP छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का कर रहे थे विरोध

अभिषेक सिंह/ नई दिल्ली: देश में शिक्षा सुधार और नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब एक बड़े राजनीतिक संग्राम में तब्दील हो गया है। मंगलवार (21 जुलाई 2026) को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन एक दिन पहले जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के छात्रों के ‘संसद मार्च’ पर हुई पुलिसिया कार्रवाई (लाठीचार्ज) के विरोध में किया गया था।
सड़कों पर संग्राम और पुलिस की कार्रवाई
मंगलवार दोपहर, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ता प्रधानमंत्री आवास की ओर कूच करने लगे। उनका कहना था कि वे छात्रों पर हुए “बर्बर पुलिस बल प्रयोग” की जवाबदेही तय करने के लिए प्रधानमंत्री से मिलना चाहते हैं। पुलिस ने इलाके में पहले से ही धारा 144 (अब बीएनएसएस के तहत धारा 163) लागू कर रखी थी। पुलिस द्वारा रोके जाने पर राहुल गांधी अपने समर्थकों के साथ सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।
काफी देर तक चली धक्का-मुक्की के बाद, दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं को जबरन हिरासत में ले लिया। पुलिस उन्हें बसों में भरकर छतरसाल स्टेडियम और मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन ले गई। इस पूरी कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी तनाव का माहौल रहा।
‘लोकतंत्र की हत्या हो रही है’
हिरासत में लिए जाने के दौरान मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा, “आज देश में लोकतंत्र की सरेआम हत्या हो रही है। युवा अपने भविष्य के लिए सड़कों पर लाठियां खा रहे हैं और प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर पूरी तरह खामोश हैं। हम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और संसद में इस मुद्दे पर खुली बहस की मांग करते हैं।” प्रियंका गांधी ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों के अधिकारों के लिए लड़ने वालों को डराया नहीं जा सकता।
देर रात रिहाई और आगे की रणनीति
लगभग तीन घंटे तक हिरासत में रखने के बाद रात करीब 9 बजे कांग्रेस नेताओं को रिहा कर दिया गया। यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी भी प्रियंका से मिलने पुलिस स्टेशन पहुंची थीं। इस घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस अब छात्रों के इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़े जन-आंदोलन का रूप देने की तैयारी में है।