सिक्किम में बड़ा हादसा: भूस्खलन से गैस रिसाव के बाद निर्माणाधीन सुरंग धंसी, 12 मजदूरों की मौत और कई फंसे

राघवेंद्र प्रताप सिंह/ गंगटोक / नामची: सिक्किम के नामची जिले से एक बेहद दर्दनाक और भयानक त्रासदी की खबर सामने आई है। राष्ट्रीय जलविद्युत ऊर्जा निगम (NHPC) की ‘तीस्ता स्टेज-VI’ (Teesta Stage-VI) हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना के तहत बनाई जा रही एक निर्माणाधीन सुरंग (Tunnel) अचानक धंस गई। इस भयानक हादसे में अब तक 12 मजदूरों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है, जबकि 13 अन्य मजदूर अभी भी मलबे के पीछे फंसे हुए हैं। इस घटना ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मीथेन गैस का रिसाव और विस्फोट
एनएचपीसी (NHPC) के अधिकारियों और आपदा प्रबंधन विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 1 बजे जब टनल बोरिंग मशीन (TBM) सुरंग के अंदर खुदाई कर रही थी, तभी चट्टानों के बीच फंसी ‘मीथेन गैस’ (Methane Gas) की एक बड़ी पॉकेट फट गई। गैस के अत्यधिक दबाव और रिसाव के कारण सुरंग के अंदर एक जोरदार धमाका हुआ, जिससे भारी भूस्खलन (Landslide) हुआ और सुरंग का मुख्य द्वार और अंदरूनी हिस्सा ढह गया। घटना के समय पटेल इंजीनियरिंग और एनएचपीसी के लगभग 25 कर्मचारी 1.5 किलोमीटर गहरी सुरंग (Adit-3) के अंदर काम कर रहे थे।
रेस्क्यू ऑपरेशन में आ रही हैं भारी दिक्कतें
हादसे की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और पश्चिम बंगाल से बुलाई गई एक विशेष माइनिंग रेस्क्यू टीम ने मोर्चा संभाल लिया। लेकिन सुरंग के अंदर कार्बन मोनोऑक्साइड (Carbon Monoxide) और मीथेन जैसी जहरीली गैसों का स्तर अत्यधिक होने के कारण बचाव कर्मियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश भी रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा डाल रही है। बचाव दलों द्वारा सुरंग में ऑक्सीजन पंप की जा रही है ताकि अंदर फंसे 13 मजदूरों को सुरक्षित निकाला जा सके।
मुआवजे का ऐलान और उच्च-स्तरीय जांच
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि (Ex-gratia) देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भी स्थिति की समीक्षा की है और केंद्र की ओर से अतिरिक्त 2 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने इस घटना के कारणों का पता लगाने के लिए एक उच्च-स्तरीय जांच समिति गठित करने के आदेश दे दिए हैं।