लखीमपुर खीरी में दर्दनाक हादसा: जंगल किनारे बकरियां चरा रहे 8 वर्षीय मासूम बच्चे को तेंदुए ने बनाया अपना निवाला, इलाके में दहशत का माहौल

राघवेंद्र प्रताप सिंह/ लखीमपुर खीरी: दुधवा नेशनल पार्क से सटे लखीमपुर खीरी जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष (Human-Wildlife Conflict) ने एक बार फिर एक मासूम की जान ले ली है। उत्तरी खीरी वन प्रभाग के सुहेली नदी के पास बसे एक गांव में जंगल के किनारे बकरियां चरा रहे 8 वर्षीय मासूम बच्चे पर झाड़ियों में छिपे खूंखार तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। तेंदुआ बच्चे को घसीटकर घने जंगलों में ले गया। घटना की सूचना मिलते ही गांव में कोहराम मच गया और ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर जंगल की ओर दौड़े, लेकिन तब तक मासूम की जान जा चुकी थी।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश, वन विभाग की टीम मौके पर
इस दर्दनाक हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और सड़क जाम करने का प्रयास किया। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई हफ्तों से इलाके में तेंदुए की आवाजाही देखी जा रही थी और वन विभाग को बार-बार सूचित करने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। सूचना मिलते ही डीएफओ (DFO) और पुलिस बल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और किसी तरह ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे
वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि हमलावर तेंदुए की लोकेशन ट्रैक करने के लिए जंगल के सीमावर्ती इलाकों में ‘कैमरा ट्रैप’ (Camera Traps) और तीन बड़े लोहे के पिंजरे (Cages) लगा दिए गए हैं। इसके अलावा, ड्रोन कैमरों के जरिए भी तेंदुए की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है। वन विभाग ने प्रभावित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है और आश्वस्त किया है कि जल्द ही तेंदुए को ट्रैंकुलाइज (Tranquilize) कर जंगल के अंदर गहरे क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा।
तराई क्षेत्र में बढ़ता वन्यजीव संघर्ष
इंडियन व्यू टीम के अनुसार, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत और बहराइच के तराई इलाकों में गन्ने के खेत (Sugarcane Fields) तेंदुए और बाघों के लिए प्राकृतिक शरणस्थली बन चुके हैं। फसल कटाई और बकरियां चराने के दौरान अक्सर ग्रामीण इनका शिकार बन जाते हैं। वन विभाग ने सीमावर्ती गांवों में मुनादी (घोषणा) करवाकर लोगों से अपील की है कि वे छोटे बच्चों को अकेले जंगल या गन्ने के खेतों की तरफ न जाने दें और हमेशा समूहों में ही बाहर निकलें।