युद्ध क्षेत्र में फंसे भारतीय: काला सागर में जहाजों पर हुए हमलों के बीच 13 भारतीय नाविकों के फंसे होने से हड़कंप, मर्चेंट नेवी यूनियन की सरकार से गुहार

इंडियन व्यू टीम
मुंबई / नई दिल्ली

रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण काला सागर (Black Sea) क्षेत्र में बने युद्ध के हालात के बीच एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। ‘नेशनल यूनियन ऑफ सीफेयरर्स ऑफ इंडिया’ (NUSI) ने पुष्टि की है कि काला सागर में व्यापारिक जहाजों (Commercial Ships) पर हुए हालिया मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण कम से कम 13 भारतीय नाविक (Indian Sailors) एक संकटग्रस्त मर्चेंट शिप पर फंसे हुए हैं। इस खबर के बाद फंसे हुए नाविकों के परिवारों में भारी घबराहट और चिंता का माहौल है।

यूनियन के अनुसार, जिस मर्चेंट वेसल (व्यापारिक जहाज) पर भारतीय क्रू मेंबर्स तैनात हैं, वह एक महत्वपूर्ण समुद्री बंदरगाह के पास लंगर डाले हुए था, तभी आसपास के समुद्री क्षेत्र में भीषण हमले शुरू हो गए। हालांकि, भारतीय नाविकों के सुरक्षित होने की खबर है, लेकिन जहाज का इंजन क्षतिग्रस्त होने और समुद्री मार्ग के असुरक्षित होने के कारण वे वहां से निकलने में असमर्थ हैं। पानी, राशन और ईंधन की सीमित आपूर्ति के कारण स्थिति बेहद नाज़ुक बनी हुई है।

मर्चेंट नेवी यूनियन ने भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) और नौवहन महानिदेशालय (DG Shipping) से तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित देशों के दूतावासों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के साथ संपर्क साधा है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और उन्हें सुरक्षित ‘ग्रीन कॉरिडोर’ के जरिए बाहर निकालने (Evacuation) के लिए कूटनीतिक प्रयास युद्ध स्तर पर जारी हैं।