बुनियादी सुविधाओं की मांग पर सड़कों पर उतरी ‘जनरेशन अल्फा’: यूपी के स्कूलों में जंतर-मंतर जैसी गूंज, छात्रों ने दर्ज कराया अनोखा विरोध

अभिषेक सिंह
लखनऊ
उत्तर प्रदेश के स्कूली शिक्षा तंत्र की ज़मीनी हकीकत को उजागर करता हुआ एक अनोखा और अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले नागरिक आंदोलनों की तर्ज़ पर, उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में ‘जनरेशन अल्फा’ (वर्ष 2010 के बाद जन्मे स्कूली छात्र) के छोटे-छोटे बच्चों ने अपने स्कूलों में पीने के साफ पानी, चालू शौचालयों, बिजली और जर्जर भवनों की मरम्मत जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है।
हाथों में तख्तियां और संविधान के जनक डॉ. बी.आर. आंबेडकर की तस्वीरें लिए इन स्कूली बच्चों के प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर भारी वायरल हो रहा है। छात्र नेताओं और बच्चों का कहना है कि जब सरकार ‘डिजिटल शिक्षा’ और स्मार्ट क्लासरूम का दावा करती है, तो दूसरी तरफ ज़मीनी स्तर पर प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए बेंच तक उपलब्ध नहीं हैं। भीषण गर्मी के मौसम में पंखे बंद होने और दूषित पेयजल के कारण बच्चे बीमार पड़ रहे हैं।
इस अनोखे छात्र आंदोलन ने राज्य के शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फुला दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित ज़िला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) ने तुरंत संज्ञान लिया है और कई लापरवाही बरतने वाले प्राध्यापकों व ठेकेदारों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी इस घटनाक्रम पर रिपोर्ट मांगी है। शिक्षाविदों का कहना है कि स्कूली बच्चों का अपनी बुनियादी सुविधाओं के लिए जागरूक होना और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाना व्यवस्था के लिए एक बड़ा आईना है।