राजनीति में विजय की नई पारी: अभिनेता विजय के प्रस्तावित बेंगलुरु दौरे ने जगाई सार्वजनिक उत्सुकता, 1980 के दशक के दौर की यादें हुई ताज़ा

राघवेंद्र प्रताप सिंह
चेन्नई / बेंगलुरु

तमिलनाडु की राजनीति में अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कज़गम’ (TVK) के जरिए कदम रखने वाले दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार विजय (Actor Vijay) के प्रस्तावित बेंगलुरु दौरे ने पूरे दक्षिण भारत के राजनीतिक हलकों में भारी उत्सुकता और हलचल पैदा कर दी है। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में तमिल भाषी आबादी के साथ उनकी प्रस्तावित बैठक और राजनीतिक संवाद को केवल एक साधारण दौरा नहीं, बल्कि तमिलनाडु की सीमाओं से बाहर उनके राजनीतिक विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।

सार्वजनिक जीवन और मीडिया में इस दौरे की तुलना 1980 के दशक के मध्य के उस दौर से की जा रही है, जब तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच राजनीतिक और सांस्कृतिक संबंध एक नए मोड़ पर थे। उस दौर में एमजीआर (M.G. Ramachandran) और बाद में जयललिता जैसी हस्तियों ने अंतर-राज्यीय तमिल समुदाय को एकजुट करने के लिए इसी तरह के रणनीतिक दौर किए थे। इतिहासकार और राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि विजय का यह कदम 80 के दशक की उसी ‘सिनेमा-टू-पॉलिटिक्स’ वाली करिश्माई शैली को दोहराने का प्रयास है।

कर्नाटक पुलिस और प्रशासन ने विजय के कार्यक्रम में उमड़ने वाली भारी भीड़ की आशंका को देखते हुए व्यापक सुरक्षा इंतज़ाम किए हैं। वहीं, तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी डीएमके और विपक्षी एआईएडीएमके विजय के इस कदम पर बारीक नज़र बनाए हुए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि विजय बेंगलुरु के तमिल वोट बैंक और युवाओं को अपने पाले में खींचने में सफल रहते हैं, तो यह आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए एक बहुत बड़ा रणनीतिक मास्टरस्ट्रोक साबित होगा।