ज़मीन से आसमान तक का सफर: डिलीवरी बॉय का काम करने वाले कृष्णा देवना बने ‘केरल क्रिकेट लीग’ (KCL) के नए सितारे, प्रेरणादायक है कहानी

इंडियन व्यू टीम
तिरुवनंतपुरम
सपनों को सच करने के लिए अगर अटूट लगन और कड़ी मेहनत हो, तो कोई भी रुकावट आपको सफलता पाने से नहीं रोक सकती। इस बात को सच कर दिखाया है केरल के युवा क्रिकेटर कृष्णा देवना (Krishna Devan) ने। गरीबी और अभावों से जूझते हुए कभी जोमैटो/स्वीगी में डिलीवरी बॉय के रूप में काम करके अपने परिवार का पेट पालने वाले कृष्णा आज नवनिर्मित ‘केरल क्रिकेट लीग’ (KCL) के सबसे जगमगाते और महंगे स्टार खिलाड़ियों में से एक बन गए हैं। उनकी यह अभूतपूर्व यात्रा पूरे देश के युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा बन गई है।
कृष्णा देवना का शुरुआती जीवन बेहद संघर्षपूर्ण रहा। दिन भर कड़कती धूप और बारिश में मोटर साइकिल पर खाना डिलीवर करने के बाद, वे रात में स्थानीय मैदानों पर फ्लडलाइट्स में गेंदबाजी का अभ्यास किया करते थे। पैसों की तंगी के कारण कई बार उनके पास अच्छे जूते और क्रिकेट किट तक खरीदने के पैसे नहीं होते थे। लेकिन उनकी गति और सटीक यॉर्कर (Yorker) फेंकने की अद्भुत क्षमता ने स्थानीय कोचों का ध्यान खींचा, जिसके बाद उन्हें स्थानीय क्लबों में खेलने का मौका मिला।
हाल ही में आयोजित हुई केरल क्रिकेट लीग (KCL) की नीलामी में जब फ्रेंचाइजी टीमों ने उनकी कातिलाना गेंदबाजी के वीडियो देखे, तो उन पर बोलियों की बारिश हो गई और उन्हें एक बड़ी धनराशि में खरीदा गया। लीग के अपने शुरुआती मैचों में ही कृष्णा ने अपनी धारदार गेंदबाजी से कई राष्ट्रीय और रणजी स्तर के बल्लेबाजों के स्टंप्स उखाड़कर तहलका मचा दिया है। पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों ने उनकी प्रतिभा की जमकर तारीफ की है और उन्हें भारतीय घरेलू क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा बताया है। कृष्णा देवना की यह कहानी साबित करती है कि प्रतिभा कभी किसी साधन की मोहताज नहीं होती।