नीट (NEET) परीक्षा विवाद और हिंसा: सुप्रीम कोर्ट में बहस जारी, कोर्ट ने पूछा- ‘क्या दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय को रखा था लूप में?’

पल्लवी श्रीवास्तव
नई दिल्ली
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) से जुड़े विवादों, पेपर लीक के आरोपों और तत्पश्चात दिल्ली की सड़कों पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक झड़पों के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई का दौर जारी है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई के प्रशासनिक पहलुओं पर कई तीखे सवाल खड़े किए। अदालत में इस बात पर तीखी बहस हुई कि क्या प्रदर्शनों के दौरान स्थिति को संभालने के लिए दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) को पूरी तरह ‘लूप’ (सुचित) में रखा था या नहीं।
अदालत में याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर अकारण बल प्रयोग किया और कई घंटों तक वरिष्ठ अधिकारियों को स्थिति की सही जानकारी नहीं दी गई। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के वकीलों से जवाब मांगा कि जब राष्ट्रीय स्तर के संवेदनशील मुद्दे पर छात्र प्रदर्शन कर रहे थे, तो मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन किस हद तक किया गया और गृह मंत्रालय के साथ सूचना साझा करने की प्रक्रिया क्या थी।
दिल्ली पुलिस की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को आश्वस्त किया कि पुलिस का मकसद केवल सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा करना और संसद भवन की ओर जाने वाले मार्ग को सुरक्षित रखना था। पुलिस ने किसी भी तरह की बर्बरता के आरोपों से इनकार किया। शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय करते हुए दिल्ली पुलिस से इस संबंध में विस्तृत हलफनामा और टाइमलाइन रिकॉर्ड दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस सुनवाई पर देश के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों की नज़रें टिकी हुई हैं।