पुलिस की सख्ती पर भड़का विपक्ष: राहुल गांधी ने गृह मंत्री को घेरा, कहा- ‘छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज दबा रही है सरकार’

इंडियन व्यू टीम/ नई दिल्ली: हालिया छात्र प्रदर्शनों पर पुलिसिया कार्रवाई का मुद्दा अब पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुका है। संसद के मानसून सत्र से लेकर सड़क तक सियासी घमासान तेज है। आज लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने इस संवेदनशील मुद्दे पर केंद्र सरकार, और विशेष रूप से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने पुलिस की सख्ती को अलोकतांत्रिक करार देते हुए आरोप लगाया कि सरकार अपनी प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने के लिए छात्रों की आवाज को डंडे के जोर पर दबाने का प्रयास कर रही है।
प्रेस वार्ता और सदन के बाहर मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “देश का युवा आज रोजगार, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और अपने अधिकारों की मांग कर रहा है। लेकिन यह सरकार उन्हें संवाद के बजाय लाठियां और आंसू गैस दे रही है।” उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, और पुलिस का जो रवैया हाल के दिनों में देखने को मिला है, वह तानाशाही की निशानी है। राहुल गांधी ने मांग की है कि प्रदर्शन के दौरान जिन छात्रों को हिरासत में लिया गया है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाए और उनकी मांगों को सुनने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन हो।
दूसरी ओर, सत्ता पक्ष ने कांग्रेस के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भाजपा नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष छात्रों को गुमराह करके राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहता है। सरकार का तर्क है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य और केंद्र की प्राथमिक जिम्मेदारी है, और उपद्रव करने वाले तत्वों के खिलाफ पुलिस नियमों के तहत ही कार्रवाई कर रही है। फिलहाल, इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तल्खी और बढ़ने के आसार नजर आ रहे हैं।