इराक में अमेरिका और सऊदी अरब का बड़ा संयुक्त हमला: ईरान समर्थक गुटों के 20 लड़ाके ढेर

विवेक ओझा/ बगदाद / नई दिल्ली: इराक में सशस्त्र गुटों और विदेशी सेनाओं के बीच जारी संघर्ष में आज उस समय बड़ा मोड़ आया जब अमेरिकी वायुसेना और सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने एक संयुक्त सैन्य अभियान (Joint Military Operation) चलाते हुए पश्चिमी और उत्तरी इराक में स्थित ईरान समर्थक उग्रवादी गुटों के ठिकानों पर भीषण बमबारी की। इस हमले में इराक के पूर्व अर्धसैनिक गठबंधन (PMF) से जुड़े कम से कम 20 लड़ाके और कमान अधिकारी मारे गए हैं।
बगदाद स्थित सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, यह संयुक्त हमला इराक-सीरिया सीमा के पास अल-अनबार प्रांत और सीरियाई सीमा से लगे रेगिस्तानी इलाकों में बने उग्रवादियों के सीक्रेट बंकरों पर किया गया। हमले में आधुनिक प्रिसिजन-गाइडेड मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जिससे उग्रवादी गुटों का एक बड़ा हथियार डिपो और कमान सेंटर पूरी तरह तबाह हो गया। सऊदी अरब द्वारा इस तरह के संयुक्त हमले में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होने को इस क्षेत्र में एक बड़ी रणनीतिक तब्दीली के रूप में देखा जा रहा है।
हमले के तुरंत बाद इराकी प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे इराक की राष्ट्रीय संप्रभुता पर हमला बताया है। इराकी सरकार का कहना है कि उनकी धरती का इस्तेमाल किसी विदेशी ताकत द्वारा क्षेत्रीय युद्ध के अखाड़े के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। वहीं, दूसरी ओर ईरान समर्थित गुटों ने अमेरिकी और सऊदी ठिकानों पर तुरंत बदला लेने की धमकी दी है, जिससे इराक में मौजूद पश्चिमी देशों के दूतावासों और सैन्य बेस पर खतरा काफी बढ़ गया है।