राष्ट्रमंडल खेल 2026: अस्मिता डे ने रचा इतिहास, भारत को जूडो का पहला स्वर्ण दिलाया
हर्ष सिंह ने भी गोल्ड जीत बढ़ाई शान, 20 मिनट में दो ऐतिहासिक स्वर्ण पदक
लखनऊ/ग्लासगो। उत्तर प्रदेश पुलिस की उपनिरीक्षक अस्मिता डे ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में इतिहास रचते हुए महिला 48 किलोग्राम जूडो स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीत लिया। राष्ट्रमंडल खेलों की जूडो स्पर्धा में भारत का यह पहला स्वर्ण पदक है।
अस्मिता की इस ऐतिहासिक सफलता के करीब 20 मिनट बाद पुरुष 60 किलोग्राम वर्ग में हर्ष सिंह ने भी स्वर्ण पदक जीतकर भारत की खुशी दोगुनी कर दी। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि के साथ भारतीय जूडो ने राष्ट्रमंडल खेलों में नया इतिहास रच दिया।
उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक हैं अस्मिता
त्रिपुरा की रहने वाली अस्मिता डे पिछले तीन वर्षों से उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) के माध्यम से भर्ती होने के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते हैं। अब राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतकर उन्होंने देश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश पुलिस का भी गौरव बढ़ाया है।
महिला 48 किलोग्राम वर्ग में अस्मिता ने क्वार्टर फाइनल में स्कॉटलैंड की ईवा इविंग, सेमीफाइनल में समर शॉ और फाइनल में कनाडा की हेडी क्वैक को 2-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
अस्मिता की जीत के लगभग 20 मिनट बाद पुरुष 60 किलोग्राम वर्ग में हर्ष सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के कैट्ज को 10-0 से हराकर भारत के लिए जूडो का दूसरा स्वर्ण पदक जीता। दूसरी ओर महिला 52 किलोग्राम वर्ग में यामिनी मौर्या भी फाइनल में पहुंच चुकी हैं और उनसे भारत को एक और स्वर्ण पदक की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश जूडो एसोसिएशन के महासचिव मुनव्वर अंज़ार ने अस्मिता डे की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि उनकी सफलता उत्तर प्रदेश और देश के जूडो खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है।