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अमेरिका-ईरान भावी समझौते में कड़े अल्टीमेटम: होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने और परमाणु खतरा खत्म करने की शर्त

सरिता त्रिपाठी/ वाशिंगटन / तेहरान: ईरान पर सैन्य हमला रद्द करने के बाद अब अमेरिका ने तेहरान के सामने कूटनीतिक वार्ता के लिए बेहद कड़े और बिना शर्त वाले अल्टीमेटम रख दिए हैं। वाशिंगटन में अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइंस के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी संभावित शांति समझौते या आर्थिक प्रतिबंधों (Sanctions Relief) को हटाने के लिए दो मुख्य गैर-बातचीत योग्य (Non-Negotiable) शर्तें शामिल की गई हैं।

पहली और सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि ईरान को वैश्विक तेल आपूर्ति के सबसे प्रमुख मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) में अंतरराष्ट्रीय मालवाहक जहाजों और तेल टैंकरों की अबाध आवाजाही की शत-प्रतिशत गारंटी देनी होगी। अमेरिका ने साफ किया है कि लाल सागर या फारस की खाड़ी में किसी भी कमर्शियल शिप पर हमला या उसे रोकने की कोशिश को सीधे समझौते का उल्लंघन माना जाएगा। दूसरी कड़ा शर्त ईरान के यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) कार्यक्रम पर तत्काल रोक लगाने और आईएईए (IAEA) के निरीक्षकों को अपने सभी परमाणु ठिकानों की जांच करने की पूर्ण स्वायत्तता देने की है।

अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यदि ईरान इन दोनों शर्तों को स्वीकार करता है, तभी उस पर लगे बैंकिग और तेल निर्यात प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी। उधर, तेहरान से आई शुरुआती प्रतिक्रिया में ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी रुख को “एकतरफा दबाव” करार दिया है, लेकिन साथ ही यह भी माना है कि वे अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए इन शर्तों के कानूनी मसौदे पर बातचीत करने को तैयार हैं। इन कड़े अल्टीमेटमों से स्पष्ट हो गया है कि भावी वार्ता काफी पेचीदा और लंबी चलने वाली है।