विश्व स्तनपान सप्ताह 2026: चेन्नई के बेसेंट नगर बीच पर विशाल ‘ब्रेस्टफीडिंग अवेयरनेस वाकाथॉन’ का आयोजन, उमड़ा जनसैलाब

सरिता त्रिपाठी/ चेन्नई: शिशु स्वास्थ्य और मातृ पोषण के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से, इस वर्ष ‘विश्व स्तनपान सप्ताह’ (World Breastfeeding Week) की शुरुआत एक भव्य और प्रेरणादायक कार्यक्रम के साथ हुई। शनिवार को चेन्नई के प्रसिद्ध बेसेंट नगर बीच (Besant Nagar Beach) पर एक विशेष ‘स्तनपान जागरूकता वाकाथॉन’ (Breastfeeding Awareness Walkathon) का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के हर वर्ग ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
इस वाकाथॉन का मुख्य उद्देश्य समाज में स्तनपान (Breastfeeding) को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना, माताओं को एक सुरक्षित और सहायक वातावरण प्रदान करना और ‘डोनर ह्यूमन मिल्क’ (Donor Human Milk) के महत्व को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में शहर के प्रमुख स्वास्थ्य पेशेवरों (Healthcare Professionals), जाने-माने बाल रोग विशेषज्ञों, मेडिकल छात्रों, नर्सिंग स्टाफ और सैकड़ों स्थानीय स्वयंसेवकों (Volunteers) ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सुबह की ताजी हवा के बीच, प्रतिभागियों ने हाथों में जागरूकता संदेश वाले तख्तियां और बैनर लेकर मार्च किया।
विशेषज्ञों ने इस अवसर पर बताया कि जन्म के पहले छह महीनों तक शिशु के लिए मां का दूध अमृत के समान होता है। यह न केवल शिशु को निमोनिया, डायरिया और कुपोषण जैसी गंभीर बीमारियों से बचाता है, बल्कि उसके मानसिक विकास (Cognitive Development) में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके साथ ही, उन नवजात शिशुओं के लिए ‘डोनर ह्यूमन मिल्क’ की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया, जिनकी माताएं किसी मेडिकल कारण से उन्हें स्तनपान कराने में असमर्थ होती हैं।
आयोजकों ने इस बात पर भी चर्चा की कि कामकाजी महिलाओं के लिए कार्यस्थलों (Workplaces) पर स्तनपान के लिए अनुकूल और सुरक्षित स्थान (Nursing Rooms) बनाना कितना जरूरी है। इस वाकाथॉन ने न केवल स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश दिया, बल्कि एक स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण के लिए मातृ शक्ति के समर्थन में पूरे चेन्नई शहर को एकजुट कर दिया।