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नई दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यक्रम के साथ मनाया गया 16वां भारतीय अंगदान दिवस

नई दिल्ली ( इंडियन व्यू टीम) : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (एनओटीटीओ) द्वारा आज नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम के साथ 16वां भारतीय अंगदान दिवस (आईओडीडी) मनाया गया। इस अवसर पर सरकार ने भारत के अंगदान एवं प्रत्यारोपण कार्यक्रम को और सुदृढ़ बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई तथा मृतक अंगदाताओं और उनके परिजनों के अमूल्य योगदान का सम्‍मान किया।

भारत की उल्लेखनीय प्रगति पर प्रकाश डालते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 में राष्ट्रीय डिजिटल प्रतिज्ञा पोर्टल के शुभारंभ के बाद से देश में आधार-सत्यापित अंगदान प्रतिज्ञाओं का आंकड़ा पांच लाख से अधिक हो चुका है। उन्होंने इस बढ़ती जनभागीदारी का श्रेय सरकार के निरंतर जागरूकता प्रयासों और प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा की गई प्रेरणादायक अपील को दिया, जिसने नागरिकों को अंगदान के लिए आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया है और साथ ही प्राप्तकर्ताओं तक अंगों के समय पर और सुरक्षित परिवहन को बढ़ावा दिया है।

उन्होंने उल्‍लेख किया कि अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में भारत ने महत्वपूर्ण प्रगति की है और प्रत्यारोपणों की संख्या वर्ष 2013 में 4,990 से बढ़कर 2025 में 20,000 से अधिक हो गई है, जो एक वर्ष में अब तक का सबसे उच्चतम आंकड़ा है। अंग प्रत्यारोपण की कुल संख्या में भारत अब अमेरिका और चीन के बाद विश्व में तीसरे स्थान पर है। उन्होंने आगे कहा कि मृतक दाताओं से अंग प्रत्यारोपण की संख्या वर्ष 2013 में 837 से बढ़कर 2025 में 3,500 से अधिक हो गई। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अंगों की मांग और उनकी उपलब्धता के बीच अभी भी एक बडा अंतर मौजूद है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस अंतर को दूर करना एक राष्ट्रीय प्राथमिकता है।

इस अवसर पर शुरू की गई पहलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मस्तिष्‍क स्टेम मृत्‍यु प्रमाणन दिशानिर्देश और स्वैप प्रत्‍यारोपण पर राष्ट्रीय दिशा-निर्देश देश भर में प्रक्रियाओं को मानकीकृत करने और नीति कार्यान्वयन को मजबूत करने में मदद करेंगे। उन्होंने ‘जुग जुग जियो अभियान’ के शुभारंभ पर भी प्रकाश डाला, जो एक साल तक चलने वाला राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान है, जिसका उद्देश्य अंगदान का संदेश हर समुदाय तक पहुंचाना है और यह सुदृढ़ करना है कि अंगदान जीवन का सबसे बड़ा उपहार है, जिससे दाताओं की विरासत प्राप्तकर्ताओं के माध्यम से जीवित रहती है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने एनओटीटीओ, पांच क्षेत्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठनों (आरओटीटीओ), 26 राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठनों (एसओटीटीओ) और लगभग 1,200 पंजीकृत अस्पतालों को मिलाकर एक मजबूत संस्थागत नेटवर्क स्थापित किया है। इन हितधारकों के बीच समन्वय को मजबूत करने के लिए सरकार ने ‘ई-प्रत्यारोपण’ नामक एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया है, जो नागरिकों के बीच विश्वास बढ़ाते हुए एक निर्बाध, पारदर्शी और कुशल अंगदान एवं प्रत्यारोपण इकोसिस्‍टम का निर्माण करेगा।

राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रम (एनओटीपी) के तहत सरकार के निरंतर समर्थन पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, दाताओं के रखरखाव, अंग पुनर्प्राप्ति और परिवहन के लिए राज्यों को वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने आगे बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) के तहत गुर्दा प्रत्यारोपण को स्वास्थ्य लाभ पैकेज में शामिल किया गया है, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए राष्ट्रीय आरोग्य निधि के तहत वित्तीय सहायता भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि 20,000 से अधिक जन औषधि केंद्रों का बढ़ता नेटवर्क प्रत्यारोपण के बाद की दवाओं सहित सस्ती दवाओं तक पहुंच में सुधार कर रहा है।