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OPT वीजा पर $1,00,000 फीस का अमेरिकी प्रस्ताव

भारतीय छात्रों में भारी हड़कंप, दूतावास ने जताई कड़ी चिंता

सरिता त्रिपाठी/ वाशिंगटन / नई दिल्ली: अमेरिका में पढ़ाई के बाद नौकरी के अवसर तलाश रहे हजारों भारतीय और अंतरराष्ट्रीय छात्रों के सपनों पर एक बड़ा संकट मंडरा रहा है। ट्रम्प प्रशासन (Trump administration) द्वारा ‘ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग’ (OPT) प्रोग्राम पर $1,00,000 (लगभग 84 लाख रुपये) की भारी-भरकम फीस लगाने के प्रस्तावित विचार ने वैश्विक शिक्षा जगत और सिलिकॉन वैली में हड़कंप मचा दिया है। यह प्रस्ताव पिछले साल H-1B वीजा पर लगाई गई इसी तरह की फीस (जिस पर बाद में रोक लगा दी गई थी) की तर्ज पर लाया जा रहा है।

OPT प्रोग्राम के तहत, विदेशी छात्र अपनी डिग्री पूरी करने के बाद 1 से 3 साल (STEM छात्रों के लिए) तक अमेरिका में कानूनी रूप से काम कर सकते हैं। वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास ने इस संभावित कदम पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों से संपर्क साधा है। भारतीय अधिकारियों का तर्क है कि इस तरह की अव्यावहारिक फीस लागू होने से न केवल मेधावी भारतीय छात्र अमेरिकी विश्वविद्यालयों से मुंह मोड़ लेंगे, बल्कि अमेरिका की अपनी तकनीकी और शोध क्षमता को भी भारी नुकसान पहुंचेगा।

अमेरिकी विश्वविद्यालय और टेक कंपनियां भी इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध कर रही हैं। उनका मानना है कि OPT अमेरिका की सफलता का एक बड़ा बुनियादी ढांचा है, और इस पर $1,00,000 का शुल्क लगाना अनिवार्य रूप से इस कार्यक्रम को समाप्त करने के समान होगा। वर्तमान में अमेरिका में पढ़ने वाले लाखों अंतरराष्ट्रीय छात्रों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी भारतीयों की है, जिनके लिए OPT एक प्रमुख आकर्षण रहता है। हालांकि यह प्रस्ताव अभी अंतिम नहीं है, लेकिन इसकी भनक लगते ही छात्रों के बीच अनिश्चितता का माहौल पैदा हो गया है।