गोवर्धन योजना से सीबीजी उत्पादन दस गुना बढ़ाने का लक्ष्य, पीएम मोदी ने बताया स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम
नई दिल्ली ( इंडियन व्यू टीम) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 23,731 करोड़ रुपए के कुल परिव्यय वाली राष्ट्रीय चक्रीय जैव ऊर्जा योजना ‘गोवर्धन’ को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह योजना स्वच्छ ऊर्जा, ग्रामीण समृद्धि और आत्मनिर्भर भारत के सामूहिक लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) के घरेलू उत्पादन को लगभग दस गुना बढ़ाने, निजी निवेश आकर्षित करने और देश में चक्रीय जैव-अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य है।
स्वच्छ ऊर्जा और ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि गोवर्धन योजना से सीबीजी को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और घरेलू उत्पादन को लगभग दस गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे निवेश और नवाचार के लिए मजबूत एवं स्थिर पारिस्थितिकी तंत्र तैयार होगा। योजना से किसानों, सहकारी समितियों, लघु एवं मध्यम उद्यमों, महिला उद्यमियों और ग्रामीण उद्यमों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
कृषि अवशेष और जैविक कचरे से बनेगा स्वच्छ ईंधन
प्रधानमंत्री ने कहा कि गोवर्धन परियोजना देश की स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह कृषि अवशेषों, गोबर, प्रेस मड (गन्ने की ‘मैली’), नगरपालिका के जैविक कचरे और अन्य जैव-द्रव्यमान संसाधनों को स्वच्छ ईंधन, जैविक खाद, ग्रामीण आय और राष्ट्रीय आर्थिक मूल्य में बदलने में मदद करेगी। इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटेगी और वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।
2035-36 तक लागू होगी योजना
गोवर्धन योजना वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2035-36 तक लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य संपीड़ित बायोगैस को देश के भविष्य के ऊर्जा मिश्रण के प्रमुख आधार के रूप में स्थापित करना है। योजना के माध्यम से सीबीजी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ इसके लिए जरूरी बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया जाएगा।