पूर्वोत्तर भारत में बुनियादी ढांचे को बड़ा बूस्ट: केंद्रीय कैबिनेट ने 8,970 करोड़ रुपये के गुवाहाटी-तेजपुर एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर को दी मंज़ूरी
विवेक ओझा/ नई दिल्ली / गुवाहाटी: पूर्वोत्तर भारत (North-East India) के विकास और वहां बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण और रणनीतिक कदम उठाया है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल (Cabinet) की बैठक में 8,970 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत वाले ‘गुवाहाटी-तेजपुर एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर’ के निर्माण को आधिकारिक तौर पर मंज़ूरी दे दी गई है। यह मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट असम राज्य की आर्थिक और सामरिक तस्वीर बदलने में एक गेम-चेंजर साबित होगा।
एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर (Access-controlled corridor) का अर्थ है एक ऐसा हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे जहाँ वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह से नियंत्रित किया जाता है, ताकि बिना किसी रुकावट या ट्रैफिक जाम के तेज़ गति से सफर तय किया जा सके। गुवाहाटी, जो पूर्वोत्तर भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक और वाणिज्यिक केंद्र (Gateway) है, को सीधे ऐतिहासिक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर तेजपुर से जोड़ने वाला यह नया कॉरिडोर दोनों शहरों के बीच यात्रा के समय को भारी रूप से कम कर देगा।
8,970 करोड़ रुपये के इस निवेश से न केवल असम में विश्वस्तरीय सड़क संपर्क (Road Connectivity) स्थापित होगा, बल्कि इस पूरी बेल्ट में औद्योगिक विकास, पर्यटन और रोज़गार के हज़ारों नए अवसर भी पैदा होंगे। तेजपुर अपने चाय बागानों, पर्यटन स्थलों और सैन्य छावनी के लिए प्रसिद्ध है। रक्षा विशेषज्ञों के दृष्टिकोण से भी यह कॉरिडोर बेहद अहम है। तेजपुर में भारतीय वायु सेना और थल सेना के बड़े बेस मौजूद हैं, जो चीन सीमा (अरुणाचल प्रदेश) की सुरक्षा के लिए ज़िम्मेदार हैं। युद्ध या किसी भी आपातकालीन स्थिति में इस एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर के ज़रिए गुवाहाटी से तेजपुर तक रसद, हथियारों और सैन्य बलों की तीव्र और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सकेगी।
इस परियोजना के तहत अत्याधुनिक पुलों, अंडरपास और टोल प्लाज़ा का निर्माण किया जाएगा। पूर्वोत्तर क्षेत्र के लोग लंबे समय से इस तरह के हाई-स्पीड नेटवर्क की मांग कर रहे थे। कैबिनेट की इस मंज़ूरी को ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ (Act East Policy) के तहत एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।