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झारखंड में परीक्षा अनियमितताओं पर संग्राम: छात्रों ने सरकार से वार्ता के लिए बनाई 11 सदस्यीय टीम, कांग्रेस ने दिया खुला समर्थन

अभिषेक सिंह/ रांची: झारखंड राज्य में इन दिनों प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित धांधली और अनियमितताओं को लेकर छात्रों का भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। राज्य की राजधानी रांची सहित कई जिलों में हज़ारों की संख्या में छात्र सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग कर रहे हैं। इसी बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत इन छात्रों ने झारखंड सरकार के साथ आधिकारिक बातचीत करने के लिए एक 11 सदस्यीय टीम का गठन किया है। यह टीम सीधे तौर पर राज्य के शीर्ष अधिकारियों और मंत्रियों के समक्ष छात्रों का पक्ष रखेगी।

इस आंदोलन को अब एक बड़ा राजनीतिक बल भी मिल गया है। कांग्रेस पार्टी ने झारखंड में परीक्षा अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों को अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इन पीड़ित छात्रों के लिए न्याय सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद कांग्रेस द्वारा छात्रों का इस तरह मुखर समर्थन करना, राज्य सरकार (JMM) पर दबाव बनाने की एक रणनीतिक कोशिश है ताकि मामले का जल्द से जल्द और पारदर्शी तरीके से समाधान निकाला जा सके।

छात्रों का मुख्य आरोप है कि हाल ही में आयोजित की गई राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र परीक्षा से पहले ही लीक हो गए थे और पूरी चयन प्रक्रिया में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। दिन-रात एक करके सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले इन युवाओं का कहना है कि यह धांधली उनके भविष्य और उनके परिवारों के सपनों के साथ एक क्रूर मज़ाक है।

11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के गठन से यह उम्मीद जगी है कि सड़क पर चल रहा यह हिंसक और उग्र हो सकने वाला प्रदर्शन अब संवाद की मेज पर सुलझ सकेगा। छात्रों की मुख्य मांगों में परीक्षा को रद्द कर उसकी सीबीआई (CBI) या किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराना और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करना शामिल है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्य सरकार इस 11 सदस्यीय टीम की मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और कांग्रेस के इस दबाव के बाद क्या कोई बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिलता है।