निर्दोष नागरिकों पर युद्ध की मार: यमन सीमा के पास हूतियों का हमला, सऊदी अरब में बच्चे सहित 11 आम नागरिक गंभीर रूप से घायल
इंडियन व्यू टीम/ रियाद: यमन में चल रहे सशस्त्र संघर्ष की आग अब एक बार फिर सीमाओं को पार कर सऊदी अरब के रिहायशी इलाकों तक पहुंच गई है। सऊदी सैन्य अधिकारियों ने एक बयान जारी कर पुष्टि की है कि ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के यमन सीमा से सटे इलाकों में किए गए ताज़ा सीमा-पार हमलों में कम से कम 11 असैनिक (Civilians) नागरिक घायल हो गए हैं, जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल है।
सऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, हूतियों ने रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने के इरादे से ‘कामिकेज़’ (आत्मघाती) ड्रोन्स और मिसाइलें दागी थीं। हालांकि सऊदी अरब की उन्नत ‘पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम’ (Patriot Air Defense System) ने अधिकांश प्रोजेक्टाइल्स को हवा में ही नष्ट कर दिया, लेकिन उनके मलबे (Shrapnel) गिरने से ज़मीन पर मौजूद नागरिकों को गंभीर चोटें आईं और संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा। घायलों को तुरंत आपातकालीन चिकित्सा केंद्रों में ले जाया गया है।
अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून (International Humanitarian Law) या ‘जिनेवा कन्वेंशन’ के तहत युद्ध के दौरान जानबूझकर आम नागरिकों और रिहायशी क्षेत्रों को निशाना बनाना सीधे तौर पर ‘युद्ध अपराध’ (War Crime) की श्रेणी में आता है। सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) से हूतियों के इस कृत्य की कड़ी निंदा करने और उनके हथियार आपूर्तिकर्ता (ईरान) पर कड़े प्रतिबंध लगाने की अपील की है।
यह हमला यमन में सरकारी बलों पर हुए हमले (जिसमें 58 सैनिक मारे गए) के ठीक बाद हुआ है, जो दर्शाता है कि हूती विद्रोही अब चौतरफा आक्रामक रणनीति अपना रहे हैं। लगातार हो रहे इन सीमा-पार हमलों ने न केवल सऊदी अरब की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक स्थायी खतरा पैदा कर दिया है, बल्कि मध्य पूर्व में विदेशी निवेश और आर्थिक स्थिरता के लिए भी जोखिम बढ़ा दिया है। इस घटनाक्रम से पश्चिम एशिया में तनाव का पारा और चढ़ना तय है।