Trending

SC/ST आरक्षण में ‘क्रीमी लेयर’ पर केंद्र का बड़ा रुख: आय-आधारित क्रीमी लेयर की याचिकाओं का किया कड़ा विरोध

अभिषेक सिंह/ नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट और राजनीतिक गलियारों में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के आरक्षण को लेकर चल रही बहस के बीच केंद्र सरकार ने अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। एक ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने SC/ST कोटे में आय-आधारित ‘क्रीमी लेयर’ लागू करने की याचिकाओं का कड़ा विरोध किया है। यह हलफनामा सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन एक महत्वपूर्ण मामले के जवाब में दायर किया गया है।

सरकार का तर्क है कि SC/ST समुदाय का पिछड़ापन केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सदियों पुराने सामाजिक और ढांचागत भेदभाव पर आधारित है। ओबीसी (OBC) वर्ग में जहां ‘क्रीमी लेयर’ (मलाईदार तबका) को आरक्षण के लाभ से बाहर रखने के लिए आय को एक पैमाना माना गया है, वहीं SC/ST के मामले में आय को आधार बनाना संवैधानिक भावना के विपरीत होगा। केंद्र ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक प्रगति का मतलब यह नहीं है कि इन समुदायों को छुआछूत या सामाजिक बहिष्कार का सामना नहीं करना पड़ता।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केंद्र सरकार का यह रुख न केवल कानूनी रूप से बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम है। किसी भी प्रकार की ‘क्रीमी लेयर’ लागू करने से दलित और आदिवासी समुदायों में भारी असंतोष पैदा हो सकता था, जिसका सीधा असर आगामी चुनावों पर पड़ना तय था। सरकार के इस कदम का दलित अधिकार संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों ने स्वागत किया है, जो लंबे समय से इस बात की वकालत कर रहे थे कि SC/ST आरक्षण का मूल आधार सामाजिक उत्थान है, न कि केवल गरीबी उन्मूलन।