भारत ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक पर अमरीका के सांसदों की आपत्तियों को खारिज किया

नई दिल्ली ( राघवेंद्र प्रताप सिंह) : भारत ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक पर अमरीका के सांसदों की आपत्तियों को खारिज करते हुए कहा है कि यह देश का आंतरिक विधायी मामला है और इस पर निर्णय संसद करती है। नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अमरीका सहित कई देशों में भी विदेशी धन के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए कानून लागू हैं।

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर श्री जायसवाल ने कहा कि किसी निजी मीडिया संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उस कार्यक्रम में कही गई बातों का सरकार समर्थन नहीं करती।

 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इस्राएल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई टेलीफोन पर बातचीत के संबंध में उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और हाल के घटनाक्रमों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह फोन कॉल इस्राएल की ओर से की गई थी। श्री जायसवाल ने कहा कि भारत और इस्राएल के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी है।