AI की दुनिया में अलीबाबा का नया दांव
अपने अगले ओपन-सोर्स AI मॉडल के बड़े यूज़र्स से शुल्क वसूलने की तैयारी
राघवेंद्र प्रताप सिंह/ बीजिंग / नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में अब तक जो तकनीक मुफ्त (Open-source) उपलब्ध थी, अब उसका व्यावसायीकरण (Monetization) तेज़ी से शुरू हो रहा है। सूत्रों के हवाले से मिली एक अहम रिपोर्ट के अनुसार, चीनी टेक दिग्गज अलीबाबा (Alibaba) अपने अगले ‘ओपन-सोर्स’ AI मॉडल के बड़े यूज़र्स (Big users) से शुल्क (Charge) वसूलने की योजना बना रहा है। यह कदम ग्लोबल AI मार्केट के बिजनेस मॉडल में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।
अलीबाबा के ‘Qwen’ सीरीज़ के AI मॉडल्स दुनिया भर में डेवलपर्स के बीच काफी लोकप्रिय रहे हैं क्योंकि वे उन्नत होने के साथ-साथ मुफ्त थे। हालांकि, ‘ओपन-सोर्स’ का मतलब यह नहीं है कि इसे चलाने में कोई खर्च नहीं आता। इन विशाल लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) को प्रशिक्षित करने और सर्वर पर चलाने में कंपनियों को अरबों डॉलर का भारी-भरकम कंप्यूटिंग खर्च वहन करना पड़ता है।
सूत्रों का कहना है कि अलीबाबा की रणनीति अब बदल रही है। वे छोटे डेवलपर्स और शोधकर्ताओं के लिए इस मॉडल को मुफ्त रखना जारी रखेंगे, लेकिन जो बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियां या एंटरप्राइज क्लाइंट्स इस मॉडल का उपयोग करके भारी मात्रा में डेटा प्रोसेस करेंगे या व्यावसायिक एप्लिकेशन बनाएंगे, उनसे एक निश्चित शुल्क वसूला जाएगा। यह ठीक वैसा ही है जैसे मेटा (Meta) या गूगल (Google) अपनी प्रीमियम API सेवाओं के लिए करते हैं। यह स्पष्ट संकेत है कि AI की दुनिया में ‘हनीमून पीरियड’ (मुफ्त सेवाओं का दौर) अब धीरे-धीरे खत्म हो रहा है और बिग टेक कंपनियां अपने भारी निवेश पर मुनाफा (ROI) कमाने की ओर तेज़ी से बढ़ रही हैं।