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अरुणाचल सीमा पर क्या है हकीकत? मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने किया चीनी घुसपैठ का खंडन, लेकिन कहा- ‘स्थानीय चिंताओं की होगी कड़ी जांच’

इंडियन व्यू टीम/ ईटानगर / नई दिल्ली: अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की कथित घुसपैठ को लेकर चल रही अटकलों और मीडिया रिपोर्ट्स पर राज्य के मुख्यमंत्री ने बड़ा बयान दिया है। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आधिकारिक तौर पर भारतीय क्षेत्र में किसी भी प्रकार की चीनी घुसपैठ या ज़मीन पर कब्ज़े (Incursion) की खबरों का स्पष्ट रूप से खंडन किया है। हालांकि, उन्होंने एक ज़िम्मेदार रुख अपनाते हुए यह भी कहा है कि स्थानीय ग्रामीणों द्वारा उठाई गई चिंताओं को हल्के में नहीं लिया जा सकता और उनकी सत्यता की ज़मीनी स्तर पर जांच की जाएगी।

पिछले कुछ दिनों से कुछ स्थानीय रिपोर्ट्स और विपक्षी नेताओं के हवाले से यह दावा किया जा रहा था कि चीनी सैनिकों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पार कर भारतीय सीमा के भीतर कुछ अस्थायी निर्माण कर लिए हैं। मुख्यमंत्री ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि भारतीय सेना (Indian Army) और इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (ITBP) सीमा पर पूरी तरह मुस्तैद हैं और हमारी एक इंच ज़मीन पर भी कोई कब्ज़ा नहीं कर सकता।

इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने प्रशासन और सैन्य अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे उन दूरदराज के सीमावर्ती गांवों (विशेषकर अंजाव और तवांग सेक्टर) का दौरा करें जहाँ से स्थानीय चरवाहों ने चीनी गश्त की शिकायतें की हैं। रणनीतिक मामलों के जानकारों का कहना है कि LAC का स्पष्ट सीमांकन न होने के कारण अक्सर दोनों देशों के गश्ती दल एक-दूसरे के क्लेम लाइन (दावा रेखा) में आ जाते हैं। मुख्यमंत्री का यह संतुलित बयान यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि एक तरफ देश में कोई अनावश्यक घबराहट (Panic) न फैले, और दूसरी तरफ सीमावर्ती नागरिकों की सुरक्षा चिंताओं को भी नज़रअंदाज़ न किया जाए।