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शेयर बाज़ार में हावी रही बिकवाली: बैंकिंग शेयरों में मुनाफावसूली और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों को किया सतर्क, सेंसेक्स-निफ्टी फिसले

इंडियन व्यू टीम/ मुंबई: घरेलू शेयर बाज़ारों में लगातार चल रही तेजी पर ब्रेक लग गया है। ताज़ा कारोबारी सत्र में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भारी गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए हैं। इस गिरावट के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण रहे—पहला, बैंकिंग शेयरों (Bank Stocks) में भारी मुनाफावसूली (Profit-booking) और दूसरा, अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आया ताज़ा उबाल।

बैंकिंग क्षेत्र की बात करें तो, एसबीआई (SBI) जैसी दिग्गज कंपनियों द्वारा शानदार तिमाही नतीजे पेश करने के बावजूद निवेशकों ने ऊपरी स्तरों पर शेयर बेचना बेहतर समझा। बाज़ार विश्लेषकों का मानना है कि बैंकिंग सेक्टर पहले ही अपने उच्चतम मूल्यांकन (Valuations) पर ट्रेड कर रहा था, इसलिए अच्छे नतीजों के बाद यह ‘प्रॉफिट बुकिंग’ अपेक्षित थी। इसके अलावा, रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा ब्याज दरों में कटौती (Rate Cuts) को लेकर कोई स्पष्ट संकेत न मिलने से भी बैंकिंग सेक्टर में थोड़ी निराशा देखने को मिली है।

दूसरी ओर, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव (विशेषकर पश्चिम एशिया में संघर्ष) के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमतें एक बार फिर तेज़ी से बढ़ने लगी हैं। भारत अपनी ज़रूरत का लगभग 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। जब भी कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं, तो भारत के चालू खाता घाटे (Current Account Deficit – CAD) पर भारी दबाव पड़ता है, मुद्रास्फीति (Inflation) बढ़ने का डर रहता है और भारतीय रुपयाज़ कमज़ोर होता है। कच्चे तेल की इसी महंगाई की आशंका ने विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) को भारतीय बाज़ारों से पूंजी निकालने के लिए प्रेरित किया है, जिससे बाज़ार में यह गिरावट दर्ज की गई।